बागेश्वर से जुड़ी खबर सामने आई है। बागेश्वर में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गुंजन सिंह की अदालत ने मारपीट, गालीगलौज और दहेज मांगने के मामले में आरोपी पति को एक साल के कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में सहआरोपी सास और जेठानी को दोषमुक्त करने का आदेश पारित किया।
जानें पूरा मामला
जानकारी के अनुसार महिला आरक्षी ने एसपी बागेश्वर को अपने ससुराल वालों के खिलाफ तहरीर दी थी। तहरीर में बताया गया कि उसकी शादी आठ मई 2018 को सुरेंद्र सिंह निवासी चांदमारी, काठगोदाम, हल्द्वानी के साथ हुई थी। शादी के बाद से ससुराल वाले उसे दहेज के लिए परेशान करते हैं। उसने अपने पति, सास, ससुर, जेठ और जेठानी के खिलाफ गालीगलौज, मारपीट करने, धमकी देने और 15 लाख रुपये व मोटरसाइकिल की मांग करने का आरोप लगाया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने 15 फरवरी 2023 को आरोपियों के खिलाफ धारा 323, 498 ए, 504, 506 और 3/4 डीपी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया। विवेचना में ससुर और जेठ के खिलाफ साक्ष्य नहीं मिलने पर पति सुरेंद्र सिंह, सास राधा देवी और जेठानी नीरु देवी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
अदालत का आदेश
न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश कराए गए। न्यायालय ने आरोपी पति को दोषसिद्ध करते हुए धारा 498 ए, 504 और 506 में एक-एक साल के कारावास और दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। धारा 323 में छह माह के कारावास और एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।