बागेश्वर के कपकोट क्षेत्र जब मुसीबत सामने आए तो पदम बिष्ट लोगों को याद आते हैं। वह मुश्किल समय में लोगों की मदद करने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से लेकर उनके परिजनों को घर तक पहुंचाते हैं।
अब तक 50 से अधिक लोगों को कर चुके सहयोग:
अब तक वह 50 से अधिक शवों को मुफ्त ले जा चुके हैं। इस काम के एवज में उन्हें आशीर्वाद मिलता है जो उन्हें आगे बढ़ने में मदद करता है।
शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने को वाहन हमेशा तैयार रहता है:
नगर पंचायत के सभासद तनुज तिरुवार ने बताया कि कपकोट में कई चालक सवारी के लिए हमेशा तैयार रहते हैं, लेकिन जब किसी की आकस्मिक मौत हो जाती है उसके पोस्टमार्टम के लिए वाहन की जरूरत पड़ती है तो अधिकतर उसे मना कर देते हैं, लेकिन पदम सिंह बिष्ट सदैव तत्पर रहते हैं। उनका वाहन संख्या यूके-02- टीए- 0170 तैयार रहता है। 2005 से वाहन चलाते हैं। पदम बिष्ट का कहना है कि लोगों के आशीर्वाद से ही आज उनके बच्चे अपने मुकाम पर हैं।
आशीर्वाद ही कमाई है:
हाल ही में उनके पुत्र पवन ने लीड परीक्षा पास की है। उनकी बेटी दिव्या बिष्ट जो वर्तमान समय में बेरीनाग में सीएचो पद पर कार्यरत हैं, वहीं छोटा पुत्र राजेंद्र आर्मी भर्ती की तैयारी कर रहा है। बिष्ट का कहना है कि मुसीबत में लोगों के काम आने पर लोग आशीर्वाद देते हैं। यही आशीर्वाद ही उनकी कमाई है।