बागेश्वर: बागेश्वर जिले में पिछले 17 दिनों से लापता अधिवक्ता धीरेंद्र परिहार उर्फ कक्कू (35) की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है।
पुलिस ने किया गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में एक महिला और उसके भाई को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर मंगलवार शाम गोमती नदी के पास से अधिवक्ता का सड़ा-गला शव बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, मृतक की मां नंदी परिहार ने 31 अक्टूबर को कोतवाली में अपने बेटे की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि धीरेंद्र 17 अक्टूबर की शाम बाजार जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
CCTV और कॉल डिटेल से खुला राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देशन में पुलिस टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला तो सामने आया कि धीरेंद्र की आखिरी बातचीत नुमाईशखेत निवासी लता भंडारी (42) से हुई थी। शुरुआत में महिला पुलिस को गुमराह करती रही, लेकिन 2 नवंबर को नुमाईशखेत चिल्ड्रन पार्क के पास से मृतक की जुपिटर स्कूटी मिलने और 19 अक्टूबर की रात महिला की कार की संदिग्ध आवाजाही CCTV में दिखने के बाद पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, जिसमें पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश हो गया।
नशे में धक्का-मुक्की और रॉड से हमला
पूछताछ में आरोपी लता भंडारी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि 17 अक्टूबर की रात धीरेंद्र अत्यधिक शराब के नशे में उसके घर आया था और जबरदस्ती करने लगा। विरोध के दौरान गुस्से में आकर उसने घर में रखी लोहे की रॉड से धीरेंद्र के सिर पर दो बार वार कर दिया। सिर पर गंभीर चोट लगने से धीरेंद्र मौके पर ही गिर गया। जब उसे होश नहीं आया, तो महिला ने घबराकर शव को अपने घर में चारपाई के नीचे छिपा दिया।
कार में रखकर नदी में फेंका शव
अगली सुबह महिला ने कठायतबाड़ा जाकर अपने भाई त्रिभुवन सिंह बिष्ट उर्फ बबलू (39) को पूरी घटना की जानकारी दी। अगली रात भाई उसके घर पहुंचा और दोनों ने मिलकर शव को अपनी मैग्नाइट कार (UK02B 3843) की पिछली सीट पर रखा। इसके बाद वे बागेश्वर-गिरेछीना मार्ग स्थित थुनाई बैंड पहुंचे और शव को नीचे नदी में फेंक दिया।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल लोहे की रॉड और वारदात में इस्तेमाल की गई मैग्नाइट कार को जब्त कर लिया है। मामले में एफआईआर को BNS की धारा 103(1), 238 और 61(2) में तरमीम कर आगे की विवेचना प्रभारी निरीक्षक अनिल उपाध्याय को सौंपी गई है। पुलिस ने शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है।