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बागेश्वर: एसडीजी, पीएम गतिशक्ति और विजन 2047 पर कार्यशाला का आयोजन, स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त किए जाने पर जोर

बागेश्वर से जुड़ी खबर सामने आई है। बागेश्वर में मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी की अध्यक्षता में सोमवार को विकास भवन सभागार में सतत विकास लक्ष्य (SDGs), डेटा इकोसिस्टम, पीएम गतिशक्ति तथा उत्तराखण्ड विजन 2047 विषयों पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला का आयोजन

इस कार्यशाला का उद्देश्य जनपद स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, समन्वित कार्यप्रणाली तथा लक्ष्य आधारित प्रगति को सुनिश्चित करना रहा। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि जनपद को सतत विकास लक्ष्यों में प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान दिलाने के लिए शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बताया कि प्राथमिक क्षेत्र के अंतर्गत जनपद में कीवी उत्पादन, सब्जी उत्पादन, औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती तथा पारंपरिक कृषि को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त किया जा सके।

दी यह जानकारी

पीएम गतिशक्ति के अंतर्गत उन्होंने सभी विभागों को जीआईएस आधारित एकीकृत योजना एवं निगरानी प्रणाली का प्रभावी उपयोग करने पर बल दिया, ताकि आधारभूत संरचना से संबंधित योजनाओं में पारदर्शिता और गति लाई जा सके। साथ ही विकसित भारत विजन 2047 के लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर ठोस एवं दीर्घकालिक रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए। कार्यशाला में नियोजन विभाग से आए विशेषज्ञ अजय पुरोहित एवं नवीन कोरी ने सतत विकास के 17 लक्ष्यों—जैसे गरीबी उन्मूलन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं एवं लैंगिक समानता—की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने जिला स्तर पर ‘लो हैंगिंग फ्रूट्स’ अर्थात आसानी से प्राप्त किए जा सकने वाले संकेतकों पर विशेष ध्यान केंद्रित करने तथा आकांक्षी विकास खंडों में नीति आयोग की तर्ज पर सुधारात्मक पहल करने के संबंध में अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया। पीएम गतिशक्ति के विशेषज्ञ द्वारा आधारभूत संरचना की कमियों का विश्लेषण करने तथा स्वास्थ्य केंद्रों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों की वास्तविक स्थिति को जीआईएस माध्यम से आंकने के व्यावहारिक उपायों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया।

रहें उपस्थित

नियोजन विभाग के विशेषज्ञों ने विजन 2047 दस्तावेज तैयार करने के लिए जनपद की क्षमता, कमजोरियां, अवसर और चुनौतियों (SWOC विश्लेषण) के आधार पर कार्ययोजना निर्माण की प्रक्रिया से भी अवगत कराया। कार्यशाला में परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, जिला विकास अधिकारी संगीता आर्या, अर्थ एवं संख्याधिकारी दिनेश रावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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