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कतर में 08 भारतीयों को मौत की सजा देने के मामले में बड़ी खबर, सभी आठ भारतीय नौसैनिक हुए रिहा, जाने क्या है मामला

देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। कतर में फांसी की सजा पाने वाले नौसेना के सभी 8 पूर्व अधिकारी रिहा हो गये है। इन सभी को रिहा कर दिया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप के बगैर उनकी रिहाई संभव नहीं थी- रिहा हुए नौसैनिक अधिकारी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह सब जासूसी के आरोपों का सामना कर रहे थे। जिस पर उन्हें मौत की सजा सुनाई गई थी। वहीं भारत के अनुरोध पर इन अधिकारियों की सजा को कतर के अमीर ने पहले ही कम कर दिया था और उम्रकैद में बदल दिया था। वहीं अब विदेश मंत्रालय ने बताया कि उन्हें रिहा कर दिया गया है और उनमें से 7 लोग भारत वापस आ चुके हैं। जिस पर भारत लौटे एक पूर्व नौसैनिक अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप के बगैर उनकी रिहाई संभव नहीं थी। उन्होंने दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड करने के बाद ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए।

सुनाई थी फांसी की सजा

एक मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले साल कतर में 8 पूर्व भारतीय नेवी अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद पिछ्ले महीने 26 अक्टूबर में कतर की एक अदालत ने उन्हें मौत की सजा सुनाई थी। जिस पर अदालत के इस फैसले पर भारत सरकार ने हैरानी जताई थी।

कतर जेल में थे बंद

रिपोर्ट्स के मुताबिक दरअसल भारतीय नौसेना के ये सभी आठ पूर्व ऑफिसर पिछले साल अगस्त से ही कतर के जेल में बंद हैं। लेकिन कतर ने अभी तक इन सभी पू्र्व आधिकारियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जानकारी नहीं दी है। हालांकि, मामले से परिचित लोगों का कहना है कि इन सभी पर जासूसी करने का आरोप लगाया गया है। यह सभी एक डिफेंस सर्विस प्रोवाइडर ऑर्गनाइजेशन- दहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजीज एंड कंसल्टेंसी सर्विसेज के लिए काम कर रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस निजी फर्म का स्वामित्व रॉयल ओमानी एयर फोर्स के एक रिटायर्ड सदस्य के पास है। ‌‌जिसमें इस निजी फर्म के मालिक को भी गिरफ्तार किया गया था लेकिन उसे पिछले साल नवंबर में रिहा कर दिया गया था। यह प्राइवेट फर्म कतर के सशस्त्र बलों को प्रशिक्षण और संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराती थी।

यह थे शामिल

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन आठ पूर्व भारतीय नौसैनिकों को कतर के कोर्ट ने सजा सुनाई है, उसमें कमांडर (रिटायर्ड) पूर्नेंदु तिवारी, कैप्टन (रिटायर्ड) नवतेज सिंह गिल, कमांडर (रिटायर्ड) बीरेंद्र कुमार वर्मा, कैप्टन (रिटायर्ड) सौरभ वशिष्ठ, कमांडर (रिटायर्ड) सुग्नाकर पकाला, कमांडर (रिटायर्ड) अमित नागपाल, कमांडर (रिटायर्ड) संजीव गुप्ता, और सेलर रागेश शामिल थे।

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