आज 11 दिसंबर 2025 है। आज मासिक जन्माष्टमी है। जो भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित ऐसा ही एक व्रत है, जिसे मासिक कृष्ण जन्माष्टमी के नाम से जाना जाता है। यह व्रत हर माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आती है। एक वर्ष में 12 बार मासिक कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है। इसका उद्देश्य श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की मासिक स्मृति और उपासना है।
खास है महत्व
11 दिसंबर 2025 को मासिक कृष्ण अष्टमी व्रत है, जो हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है, जिसमें भक्त भगवान कृष्ण की कृपा पाने के लिए पूजा-पाठ करते हैं, माखन-मिश्री का भोग लगाते हैं और मंत्रों का जाप करते हैं। इस दिन रवि योग और ब्रह्म योग जैसे शुभ योग बन रहे हैं, जिससे इसका महत्व बढ़ जाता है, और रात में जागरण किया जाता है।
जानें शुभ मुहूर्त
11 दिसंबर 2025 को मासिक कृष्ण अष्टमी व्रत के लिए अष्टमी तिथि 11 दिसंबर को दोपहर 01:57 बजे शुरू होकर 12 दिसंबर दोपहर 02:56 बजे तक रहेगी, इसलिए व्रत 11 दिसंबर को रखा जाएगा, लेकिन शुभ मुहूर्त रात में भगवान कृष्ण के जन्म के समय होता है, जो 11 दिसंबर की देर रात 11:57 बजे से 12:38 बजे तक का हो सकता है, और इस दिन द्विपुष्कर योग और शिववास जैसे शुभ योग भी बन सकते हैं, जिससे पूजा का महत्व बढ़ जाता है।
यह रहेगी पूजन विधि
सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि से निवृत हो जाएं। इसके बाद मंदिर में दीप प्रज्वलित करके विधि विधान से भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना करें। घर या मंदिर में श्रीकृष्ण की मूर्ति/चित्र को गंगाजल से स्नान कराएं। उन्हें पीताम्बर पहनाएं, माखन-मिश्री का भोग लगाएं। धूप-दीप से आरती करें, मंत्र जाप करें — “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।” रात को 12 बजे श्रीकृष्ण जन्म का उत्सव मनाएं। कथा, भजन, कीर्तन करें व व्रत रखें।