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उत्तराखंड: प्रदेश की धामी सरकार कर सकती हैं लोकायुक्त की नियुक्ति, जल्द होगा फैसला

उत्तराखंड की धामी सरकार जल्द ही एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार जल्द ही लोकायुक्त की नियुक्ति के लिए फैसला ले सकती है। इस संबंध में 22 सितंबर को चयन समिति की बैठक होने जा रही है। इसमें एक नाम का चयन कर राज्यपाल को भेजा जा सकता है। जिससे प्रदेश में लोकायुक्त की नियुक्ति का रास्ता साफ हो जाएगा।

नैनीताल उच्च न्यायालय ने तीन महीने के भीतर राज्य में लोकायुक्त नियुक्त करने का दिया है आदेश

नैनीताल उच्च न्यायालय ने उत्तराखंड सरकार को तीन महीने में लोकायुक्त की नियुक्ति करने के आदेश दिए हैं। ऐसे में धामी सरकार इस पर जल्द ही फैसला लेगी ।

सीएम की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय चयन समिति करेगी कमेटी गठित

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय चयन समिति लोकायुक्त की तलाश के लिए सर्च कमेटी का गठन करेगी। समिति में विधानसभा अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश या उनके नाम देने पर हाईकोर्ट का कोई न्यायाधीश और राज्यपाल द्वारा दिए गए किसी विख्यात विधिवेत्ता को सदस्य बनाया जाएगा।पहले चयन समिति का गठन होगा। इसके बाद समिति व्यक्तियों के नामों के पैनल तैयार करने के लिए एक सर्च कमेटी बनाएगी। सर्च कमेटी तीन गुना नामों की सिफारिश कर चयन समिति को भेजेगी। । सीएम धामी सख्त एक्शन और कड़े कदम उठाने में हमेशा ही आगे रहे हैं। नकल विरोधी कानून से लेकर धर्मांतरण और यूसीसी सभी मामलों में धामी पिछले मुख्यमंत्रियों से काफी आगे निकल गए हैं। लोकायुक्त की नियुक्ति कर धामी सरकार एक बार फिर दूसरी सरकारों से आगे निकल जाएगी।

राज्य को अब तक मिल चुके हैं इतने लोकायुक्त

उत्तराखंड की पहली निर्वाचित कांग्रेस सरकार ने 2002 में लोकायुक्त का गठन किया था।  2002-2008 तक राज्य के पहले लोकायुक्त की जिम्मेदारी जस्टिस एचएसए रजा ने संभाली। उनके रिटायरमेंट के बाद जस्टिस एमएम घिल्डियाल राज्य के दूसरे लोकायुक्त बने। उनका कार्यकाल वर्ष 2013 तक रहा। भाजपा के पूर्व सीएम बीसी खंडूरी  चुनाव हारने के कारण नहीं करा पाए थे लोकायुक्त की नियुक्ति। पिछले करीब सात साल से नए लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं हुई है। 2017 में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल में लोकायुक्त की नियुक्ति को लेकर विधानसभा में बिल पेश भी किया गया लेकिन इसे प्रवर समिति को भेज दिया। प्रवर समिति भी लोकायुक्त पर अपनी रिपोर्ट सौंप चुकी है।

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