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काफलीगैर तहसील के रैखोली गांव निवासी डा. दीवान सिंह‌ रावत नेशनल फेलोशिप के लिए चयनित

दिल्ली विश्वविद्यालय में कमेस्ट्री डिर्पाटमेंट के एचओडी डॉ. दीवान सिंह रावत को नेशनल एकेडमी आफ साइंसेज फेलोशिप के लिए चुना गया है। बता दें कि प्रो. रावत दिल्ली विश्वविद्यालय के कमेस्ट्री विभाग के सौ वर्ष के इतिहास में यह सम्मान पाने वाले तीसरे, जबकि उत्तराखंड से यह सम्मान पाने वाले दूसरे व्यक्ति हैं।

लाइलाज बीमारी पार्किंसन की दवा खोजने वाले पहले भारतीय वैज्ञानिक

आपको बता दें कि डॉ. दीवान सिंह रावत मूल रूप से बागेश्वर जिले के काफलीगैर तहसील के रैखोली गांव के रहने वाले हैं। पिछले साल उन्होंने लंबी रिसर्च के बाद लाइलाज बीमारी पार्किंसन की दवा खोजी थी। डॉ. दीवान सिंह रावत इस दवा की खोज करने वाले पहले भारतीय वैज्ञानिक हैं। डा. रावत भारतीय विज्ञान कांग्रेस (2019-2020) के अनुभागीय अध्यक्ष रहे हैं। साथ ही वह अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किए जा चुके हैं।

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