October 26, 2021

उत्तराखंड में ब्लैक फंगस से हुई चौथी मौत, कोरोना संक्रमण को मात देकर घर लौटे मरीजों में बढ़ रहा खतरा।

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देश में कोरोना संक्रमण के हर रोज नए मामले सामने आ रहे है। उत्तराखंड में भी कोरोना संक्रमण के यही हालात बने हुए है। वही उत्तराखण्ड में लाॅकडाउन लगाने के बाद से कोरोना संक्रमण के मामलों थोड़ी बहुत गिरावट देखी गई है, लेकिन कोरोना संक्रमण से ठीक हो रहे मरीजों में ब्लैक फंगस के लक्षण दिखने लगे हैं जिससे लोगों में ब्लैक फंगस का भी डर बना हुआ है।

उत्तराखंड में ब्लैक फंगस का खतरा

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का कहर अभी कम नहीं हुआ है कि ब्लैक फंगस ने भी लोगों में अपनी दहशत बढ़ा दी है। उत्तराखंड राज्य में कोरोना वायरस से ठीक होने वाले मरीजों में अब फंगल इंफेक्शन ‘म्यूकोरमाइकोसिस’ का वायरस बढ़ता जा रहा है, जिससे मरीजों की जान को भी खतरा बना हुआ है।

ब्लैक फंगस आंखों में कर रहा सबसे ज्यादा आसर-

ब्लैक फंगस से मरीजों को आंखों की रोशनी जाने का सबसे ज्यादा डर बना हुआ है। इस संक्रमण से कोरोना संक्रमण से ठीक हुए मरीजों की आंखों में सबसे अधिक प्रभाव पड़ रहा है। वही शुगर की बीमारी से ग्रसित मरीजों की जान को भी खतरा हो रहा है। यह संक्रमण भी लोगों में घातक साबित होने लगा है।

उत्तराखंड में ब्लैक फंगस से हुई चौथी मौत-

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण से ठीक हुए मरीजों में ब्लैक फंगस के मामले बढ़ते जा रहे हैं। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में ब्लैक फंगस (म्यूकर माइकोसिस) संक्रमण से ग्रसित मरीजों की संख्या और मौत का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है। यहां शुक्रवार को उपचार के दौरान एक अन्य रोगी मेरठ निवासी 64 वर्षीय पुरुष की ब्लैक फंगस से मौत हो गई। अब एम्स में म्यूकोर माइकोसिस के 56 रोगी भर्ती हैं। जिसके बाद एम्स में अब तक ब्लैक फंगस के 61 मामले आ चुके है। जिसमें एम्स में ब्लैक फंगस से अब तक चार मरीजों की मौत हो चुकी है