Site icon Khabribox

सरकार ने इंडियन टेलीविजन में अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग के लिए दिए नए दिशा-निर्देश



हाल ही में भारतीय टेलीविजन के लिए केंद्र सरकार ने अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग के लिए दिशा-निर्देश, 2022 पीआईबी को मंजूरी दे दी है। जिसके तहत चैनलों को 30  मिनट के लिए राष्ट्रीय और जनहित से जुड़े कार्यक्रम प्रसारित करना अनिवार्य होगा, हालांकि यह दिशानिर्देश खेल, वन्य जीवन और विदेशी चैनलों के लिये लागू नहीं होंगे। नये दिशानिर्देशों के बाद से अब चैनल के लिए नैशनल इन्टरेस्ट और पब्लिक इन्टरेस्ट से संबंधित कंटेन्ट टेलिकास्ट करना अनिवार्य हो गया है। केंद्र सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि चैनल को लोकहित से जुड़े कार्यकर्म को सोचने और उनके निर्माण के लिए पूरा समय दिया जाएगा।

क्यों जारी किए गए दिशा-निर्देश 

केंद्र सरकार ने कहा है कि जो नये दिशा-निर्देश जारी किए हैं उसके पीछे यह तर्क है कि एयरवेव सार्वजनिक संपत्ति है और समाज के सर्वोत्तम हित में इसका उपयोग करने की जरूरत है।  टेलीविजन चैनलों की देश के दूरदराज भाग तक पहुँच है, जो भारत की जनता को सूचना, शिक्षा और मनोरंजन प्रदान करते हैं। ऐसे में टेलीविजन की भूमिका अपने आप में महत्वपूर्ण हो जाती है। इसके अलावा इन दिशानिर्देशों से भूटान, बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल के टेलीविजन चैनलों को सिंगापुर के बजाय भारत से अपलिंक करने की अनुमति मिलने की उम्मीद है, जो उपमहाद्वीप  में प्रसारित चैनलों के लिए पसंदीदा अपलिंकिंग हब है।

कैसे होगा सुनिश्चित

दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय सामग्री के प्रसारण के लिए चैनलों की निगरानी करेगा। गैर-अनुपालन की स्थिति में मंत्रालय समय-समय पर जारी विशिष्ट दिशानिर्देशों के आधार पर कार्रवाई करेगा।

किन विषयों में दिखाने होंगे प्रोग्राम

टीवी चैनलों के लिए केंद्र सरकार ने 8 थीम निर्धारित किए हैं जिसके आधार पर टीवी चैनल्स को कार्यकर्म प्रसारित करने होंगे।

शिक्षा और साक्षरता
कृषि और ग्रामीण विकास
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण
विज्ञान और प्रौद्योगिकी
महिलाओं का कल्याण
समाज के कमजोर वर्गों का कल्याण
पर्यावरण और सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा
राष्ट्रीय एकीकरण
राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका

कुल मिलाकर देखा जाए तो केंद्र सरकार ने जनकल्याण की भावना को शामिल कर दिशानिर्देश जारी किए हैं जिसमें शिक्षा और साक्षरता का प्रसार, कृषि, ग्रामीण विकास के साथ महिला कल्याण और सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा मूल रूप से शामिल है। यदि टीवी चैनल राष्ट्रीय विकास के विषय में जानकारी देते हैं तो वह देश में लोगों को प्रोत्साहित व प्रेरणा प्रदान करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

Exit mobile version