हल्द्वानी के बहुचर्चित बनभूलपुरा मामले में आज मंगलवार 24 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की गई।
सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हल्द्वानी में रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जे को हटाने के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस मामले में आज सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला आया है। सुप्रीम कोर्ट ने हल्द्वानी में रेलवे के प्रोजेक्ट के लिए जमीन खाली करवाने का आदेश दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जमीन पर से अतिक्रमण हटेगा। यह जमीन रेलवे की है। उन्हें तय करने का अधिकार है कि जमीन का उपयोग कैसे किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उन परिवारों की पहचान की जाए जो विस्थापन से प्रभावित होंगे। विस्थापित होने की सूरत में रेलवे और राज्य सरकार ने कहा सामूहिक रूप से शिफ्टेड परिवारों को 6 महीने तक प्रति महीने 2 हजार रुपये देंगे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि रेलवे के लिए ये जमीन बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए पात्र व्यक्ति प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं, जो EWS सेक्शन से आते हैं। केंद्र और राज्य सरकार, नैनीताल जिले की रेवेन्यू ऑथोरिटी वहां कैंप लगाएं और सुनिश्चित करें कि सभी पात्रों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फॉर्म भर सकें। एक हफ्ते का कैंप लगाएं। बनभूलपुरा में पुनर्वास केंद्र बनाएं जाए। और हर परिवार का हेड यहां पर जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 19 मार्च यानि की ईद के बाद कैंप लगाएं।
अप्रैल में होगी अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस मामले पर अप्रैल में दोबारा सुनवाई होगी। अगली सुनवाई तक रेलवे जमीन पर अतिक्रमण हटाने की कोई कार्रवाई नहीं होगी।
जानें क्या है मामला
रिपोर्ट्स के मुताबिक दरअसल हल्द्वानी रेलवे की भूमि से अतिक्रमण हटाने का मामला दो दशक से चला आ रहा है। हल्द्वानी में 29 एकड़ रेलवे भूमि पर अवैध कब्जा है और करीब 4365 अतिक्रमणकारी इसमें शामिल हैं। यह मामला करीब 50 हजार की आबादी से जुड़ा है। वहीं वर्ष 2023 में नैनीताल हाईकोर्ट ने एक पीआईएल में सुनवाई करते हुए जमीन से अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी किए थे। जिसके बाद रेलवे प्रशासन ने जिला प्रशासन की मदद से अतिक्रमण हटाने का प्रयास किया गया था, लेकिन विरोध और स्थानीय लोगों द्वारा सुप्रीम कोर्ट की शरण में जाने के बाद मामला टल गया था। तब से लेकर मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही थी।