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हल्द्वानी: हरेला पर्व: उत्तराखंड में खुशहाली और हरियाली की बयार, आज शुभ योग में बोई जाएगी हरियाली, जानें क्या है खास

हल्द्वानी: उत्तराखंड की लोक संस्कृति और प्रकृति के संरक्षण का प्रतीक ‘हरेला’ पर्व मनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। यह पर्व हरियाली, समृद्धि और अच्छी फसल की कामना के साथ मनाया जाता है।

दी यह जानकारी

यह पर्व इस वर्ष विशेष शुभ योगों में आयोजित होगा। जानकारी के मुताबिक ज्योतिषाचार्य अशोक वार्ष्णेय के अनुसार, इस वर्ष सावन माह का हरेला मंगलवार को बोया जाएगा। इसे अत्यंत शुभ माना जा रहा है, क्योंकि इस दिन सर्वार्थसिद्धि, शोभन और बुधादित्य योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। कृषि और जनकल्याण की दृष्टि से इन योगों को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


​ऐसे मनाया जाएगा पारंपरिक उत्सव

​इस पर्व से पहले मिट्टी को शुद्ध कर भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की मूर्तियाँ बनाई जाती हैं। इसके बाद एक मिट्टी के पात्र (टोकरी) में सात प्रकार के अनाज—गेहूं, जौ, धान, मक्का, गहत, सरसों और उड़द बोए जाते हैं। इन्हें घर के पूजा स्थल (देवालय) में स्थापित किया जाता है। इस दौरान महिलाओं द्वारा पारंपरिक ‘शकुनाखर’ गीत गाए जाते हैं, जो परिवार, समाज और राष्ट्र की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। 16 जुलाई को कर्क संक्रांति के अवसर पर हरेला का मुख्य पूजन किया जाएगा। इसी दिन से सौर मास सावन का भी शुभारंभ होगा।

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