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हल्द्वानी: ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट-2026’: पुलिस की SOG/साइबर नैनीताल और थाना पुलिस टीमों का संयुक्त ऑपरेशन, एक अंतरराष्ट्रीय साइबर क्राइम रैकेट का किया भंडाफोड़

हल्द्वानी: नैनीताल जिला पुलिस, एसओजी और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने राज्यव्यापी ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट-2026’ के तहत एक बड़े अंतर्राष्ट्रीय साइबर सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है।

पुलिस की कार्यवाही

एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी के निर्देशन में पुलिस ने मुखानी थाना क्षेत्र के लक्ष्मण विहार कॉलोनी स्थित एक मकान पर छापेमारी कर मुख्य सरगना समेत छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो कानून से संघर्षरत (विधि-विवादित) किशोरों को संरक्षण में लिया है। यह गिरोह पिछले चार महीनों में 5 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी और अवैध ट्रांजैक्शन कर चुका था।‌ छापेमारी के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में डिजिटल डिवाइस और बैंकिंग सामग्री मिली है। जिसमें नकदी ₹1,18,800 नकद, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण 1 Dell लैपटॉप, 1 Apple iPad, और 11 आधुनिक स्मार्टफोन (iPhone 17 Pro, iPhone 14 Pro, Samsung Galaxy S24, S22 Ultra आदि) व 24 सक्रिय ATM/डेबिट कार्ड, 12 एक्टिव सिम कार्ड, 6 चेकबुक, 4 पासबुक और 16 CDM डिपाजिट पर्चियां मिली है।

इनाम की घोषणा

सफल कार्रवाई करने वाली संयुक्त पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए एसएसपी नैनीताल ने ₹2,500 के नकद इनाम की घोषणा की है।

किया यह खुलासा

एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र और एसपी सिटी मनोज कत्याल के पर्यवेक्षण में हुई जांच में साइबर ठगी के इस नए पैटर्न का खुलासा हुआ। इंदौर निवासी मुख्य सरगना राहुल यादव बाइनेंस (Binance) ऐप से कैश जुटाकर USDT खरीदता था। इसके बाद Telegram पर मौजूद अनधिकृत ‘UMASTER’ ऐप के जरिए बिना किसी KYC या दस्तावेज सत्यापन के प्रतिदिन 4 से 5 लाख रुपये की USDT 3% अतिरिक्त बोनस के लालच में बेची जाती थी। अवैध पैसों की लेयरिंग (छिपाने) के लिए स्थानीय युवाओं को 3% कमीशन का लालच देकर भोले-भाले लोगों के बैंक खाते, एटीएम, चेकबुक और पासबुक हासिल किए जाते थे। गिरोह के सदस्य इन म्यूल खातों से एटीएम और कैश डिपॉजिट मशीन (CDM) के ज़रिए पैसा निकालते और दूसरे खातों में जमा करते थे। धोखा न हो, इसलिए खाताधारकों के सिम कार्ड भी गिरोह अपने पास ही रखता था।

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
1. ​राहुल यादव (30 वर्ष): निवासी इंदौर (म.प्र.) – मुख्य सरगना (पहले भी इंदौर में धारा 420/409 के तहत जेल जा चुका है)।
2. ​हर्षित कुमार (26 वर्ष): निवासी मुखानी, नैनीताल – एटीएम/सीडीएम ट्रांजेक्शन संभालने वाला।
3. ​कमल गोस्वामी (21 वर्ष): निवासी मुक्तेश्वर, नैनीताल – म्यूल खाते उपलब्ध कराने वाला।
4. ​साहिल कुमार (21 वर्ष): निवासी दमुवाढुंगा, नैनीताल – म्यूल खाते उपलब्ध कराने वाला।
5. ​मो० अयान (20 वर्ष): निवासी मुरादाबाद (उ.प्र.) – इन्वेस्टर।
6. ​मो० शुभान (24 वर्ष): निवासी सम्भल (उ.प्र.) – इन्वेस्टर।
​(नोट: मामले में 2 अन्य अभियुक्त वांछित हैं, जिनकी तलाश जारी है। वहीं दो किशोरों को बाल कल्याण पुलिस अधिकारी के संरक्षण में भेजा गया है। मुखानी थाने में IT एक्ट और BNS की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।)

पुलिस की सख्त चेतावनी

नैनीताल पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति को पैसों या कमीशन के लालच में आकर अपना बैंक खाता, पासबुक, एटीएम कार्ड या सिम न दें। साइबर अपराध में बैंक खाता प्रयुक्त पाए जाने पर खाताधारक के खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में दें।

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