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हल्द्वानी: बुजुर्ग माता-पिता को प्रताड़ित करने वाले बेटे-बहू को घर से बेदखल करने के आदेश, एसडीएम कोर्ट ने दिया इतने दिन का समय

हल्द्वानी: वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और उनके सम्मानपूर्वक जीवन जीने के अधिकार को लेकर भरण-पोषण ट्रिब्यूनल (एसडीएम कोर्ट) ने एक बड़ा फैसला सुनाया है।

जानें क्या है मामला

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके तहत कोर्ट ने बहू और बेटे से परेशान एक बुजुर्ग दंपती के पक्ष में फैसला सुनाया है। और आदेश देते हुए आरोपी बेटे-बहू को 15 दिन के भीतर घर खाली करने के आदेश जारी किए हैं। जानकारी के अनुसार यह मामला नैनीताल जिले का है। यहां नैनीताल रोड (तिकोनिया) निवासी वरिष्ठ नागरिक प्रीतम सिंह और उनकी पत्नी हरभजन कौर ने अधिवक्ता अनिल कन्नौजिया के माध्यम से ‘माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम (2007)’ के तहत ट्रिब्यूनल में गुहार लगाई थी।‌ बुजुर्ग दंपती का आरोप था कि उनका बेटा और बहू आए दिन आपस में झगड़ा करते हैं और उनके साथ भी अभद्र व्यवहार करते हैं, जिससे वे इस उम्र में गंभीर मानसिक पीड़ा से गुजर रहे हैं। दंपती ने कोर्ट को बताया कि मकान पर उनका पूर्ण स्वामित्व है और विधिक (कानूनी) तौर पर उनके बेटे-बहू की इसमें कोई हिस्सेदारी नहीं है।

कोर्ट का फैसला

​सुनवाई के दौरान ट्रिब्यूनल के समक्ष जब मकान के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई, तो बुजुर्ग दंपती का दावा बिल्कुल सही पाया गया। ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष और एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानपूर्वक जीने का पूरा अधिकार है। सुनवाई में सामने आए तथ्यों के आधार पर यह फैसला लिया गया है। बताया कि तय 15 दिनों के भीतर दूसरे पक्ष (बेटे-बहू) ने मकान खाली नहीं किया, तो प्रशासन पुलिस बल की मौजूदगी में बेदखली की सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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