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हरिवंश राय बच्चन की जयंती आज: जिनकी रचनाओं ने हिंदी साहित्य को दिया नया आयाम और पाठकों के दिलों में बनाई अपनी खास जगह

आज 27 नवंबर 2025 है। आज 27 नवंबर को मशहूर कवि हरिवंश राय बच्‍चन की जयंती है। मशहूर कवि हरिवंश राय बच्चन (1907-2003) हिंदी साहित्य के प्रमुख कवि और लेखक थे। जिनका योगदान हिंदी कविता और साहित्य में अत्यंत महत्वपूर्ण है। वे एक प्रसिद्ध हिंदी कवि और लेखक थे जिन्हें उनकी कविताओं जैसे “मधुशाला”, “आत्म परिचय” और “दिन जल्दी जल्दी ढलता है” के लिए जाना जाता है। 

साहित्यिक सेवाओं के लिए कई पुरस्कार से सम्मानित

मशहूर कवि हरिवंश राय बच्‍चन का जन्म 27 नवंबर, 1907 को उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के बाबूपट्टी गांव में हुआ था। उनके पिता लाला प्रताप नारायण श्रीवास्तव थे। हरिवंश राय बच्चन का जीवन काफी चुनौती भरा रहा। हरिवंश राय ने 1941 से 1952 तक इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में इंग्लिश लिटरेचर पढ़ाया। जिसके बाद साल 1955 में कैम्ब्रिज से वापस आने के बाद वे भारत सरकार के विदेश मंत्रालय में हिन्दी विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त हुए। वहीं 1966 में वे राज्य सभा के सदस्य मनोनीत हुए। ‘दो चट्टानें’ के लिए 1968 में बच्चन को साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला। साहित्य में योगदान के लिए वे मशहूर सरस्वती सम्मान, उत्तर प्रदेश सरकार का यश भारती सम्मान, सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार से भी नवाजे गए। बच्चन को 1976 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उनका निधन 18 जनवरी, 2003 को सांस की बीमारी के चलते मुंबई में हुआ था।

मुंबई में हुआ था निधन

हरिवंश राय बच्चन की रचनाओं ने हिंदी साहित्य को एक नया आयाम दिया और पाठकों के दिलों में अपनी विशेष जगह बनाई। उनकी महत्वपूर्ण रचनाओं में ‘मधुबाला’, ‘मधुकलश’ और “नीड़ का निर्माण फिर” शामिल हैं। उनकी अन्य कविताओं ने भी लोगों के दिलों में खास जगह बनाई। उन्होंने कविताओं के साथ-साथ संस्मरण और अनुवाद के क्षेत्र में भी काम किया। उनकी सबसे प्रसिद्ध कृति ‘मधुशाला’ है। 1984 में उन्होंने अपनी आखिरी कविता लिखी “एक नवंबर 1984” जो इंदिरा गाँधी हत्या पर आधारित थी।

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