October 17, 2021

डॉ० शेर सिंह बिष्ट के निधन से साहित्य जगत को बड़ी क्षति ।

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साहित्य जगत को बड़ी क्षति ।

डॉ शेर बिष्ट के अचानक मृत्यु से साहित्य जगत को बड़ी क्षति पहुंची है । उनका जन्म 10 मार्च 1953 को अल्मोड़ा के ग्राम भनोली ,जनपद अल्मोड़ा में हुआ था । उनके कुमाऊँनी, हिंदी में 20 से अधिक साहित्य ग्रन्थ प्रकाशित हुए हैं ।

आज सुबह 3 बजे हुई मृत्यु ।

आपको बताते चले की हल्द्वानी के मेडिकल कॉलेज मे सुबह तक़रीबन 3 बजे उनकी मृत्यु हो गयी ।

कई उपलब्धियां थी प्राप्त ।

उन्होंने कुमाऊँ विश्व्विद्यालय नैनीताल से पीएचडी और डी लिट् की उपलब्धियां प्राप्त की थी । इसके साथ ही उन्हें सुमित्रानंदन पंत नामित पुरुस्कार, उत्तरांचल रत्न अवार्ड, आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी, राष्ट्रीय साहित्य सम्मान, भारत ज्योति अवार्ड जैसे कई अन्य सम्मानों से सम्मानित किया गया था ।

श्रद्धांजली अर्पित की गयी

मोहन समिति लोक संस्कृति कला एवं शोध समिति द्वारा उनको श्रद्धांजली अर्पित की गयी । समिति के अध्यक्ष हेमंत जोशी द्वारा कहा गया कि ‘उनके साहित्य से जुड़े प्रेम को सदा याद किया जाएगा’ यदि कुमाऊँनी बोली पर कोई शोध होगा तो  शेर सिंह बिष्ट उसमे अवश्य आधारभूत रूप से पहचाने जाएंगे ।