October 23, 2021

कोरोना काल में लोगों ने जाना परिवार का महत्व, मिलकर जीत रहे हैं कोरोना से जंग, वही दुनिया का सबसे बड़ा भारतीय परिवार आज भी मिजोरम में करता है निवास ।

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अब जमाना बदल रहा है, लोग जमाने के साथ-साथ खुद को भी ढ़ाल रहे हैं। अब लोग छोटे परिवार में रहना ज्यादा पंसद करते हैं। आज के समय में बहुत कम ही ऐसा देखने को मिलता है, जहां लोग संयुक्त परिवार में मिलजुल कर जीवन यापन कर रहे हैं। आज परिवार की एहमियत को समझना भी बेहद जरुरी है। आज इंसान कितनी भी तरक्की कर ले, जितनी भी सफलता हासिल कर ले, लेकिन परिवार के बिना वह अधूरा है। पहले लोग सामूहिक परिवार में ही खुश रहते थे, लेकिन धीरे-धीरे काम की तलाश में, तो कोई नौकरी के लिए अपनों से दूर होते गए। लेकिन परिवार के बिना इंसान आज बिल्कुल अधूरा है। फिलहाल आज पूरी दुनिया जिस दौर से गुजर रही है ऐसे में परिवार की अहमियत और भी बढ़ जाती है। हर व्व्यक्ति के जीवन में उसके परिवार का काफी महत्व होता है। वो एक परिवार ही तो है जो हमेशा हमारे दुख-सुख में हमारे साथ खड़ा रहता है। कोरोनावायरस महामारी ने अचानक लोगों के जीवन की दिनचर्या पर ठहराव बटन दबाया है। आज फिर से लोग अपने परिवारों के साथ समय बिता रहे हैं। यही वह पल है जिसे हम हर समय खुशी से जीना चाहते हैं। माना आज हालात बहुत खराब है, लेकिन समय के साथ हर बुरा समय चला जाता है और एक नया सवेरा आता है। इस कोरोना काल में अपनों को खोने का दर्द भी इंसान बंया नहीं कर पा रहा है। ऐसे समय में हम सभी घर के अंदर अपने परिवारों के साथ है। इस पल को जीयो। कोरोना संक्रमण के लिए भय में रहने के बजाय परिवार के साथ हर पल को जियों, और अपने परिवार की ढ़ेर सारी हंसी को संजो के रखो। आज मैं आपको एक ऐसे परिवार के बारे में बताने जा रही हूँ, जो मिलजुल कर खुशीयों के साथ अपना जीवन जी रहे हैं। वही इस कोरोना काल में लोगों ने परिवार के महत्व को समझा है।

जाने कौन है दुनिया का सबसे बड़ा भारतीय परिवार-

दुनिया का सबसे बड़ा भारतीय परिवार जो मिजोरम में रहता है। आज पूरा देश कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से काफी प्रभावित हुआ है, वही यह परिवार कोरोना संक्रमण के प्रकोप से पूरी तरह सुरक्षित है। 74 साल के जियोना के इस परिवार को आप एक इंडिपेंडेंट कम्युनिटी भी कह सकते हैं। उसकी 39 बीवियां हैं और 94 बच्चे हैं। इस परिवार में कुल मिलाकर 181 लोग रहते हैं। यह सभी एक बहुत बड़े मकान में रहते हैं और खुशहाली के साथ अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

परिवार के मुखिया की है 39 पत्नियां-

यह परिवार भारतीय परिवार में सबसे बड़ा परिवार है। जिसमें घर के मुखिया है जियोना चाना। इनकी 39 पत्नियां है और 94 बच्चे हैं। यहीं नहीं इस परिवार में जियोना चारा की 14 बहुओं है और 33 पोते पोतियां भी हैं और एक नन्हा प्रपौत्र भी है। ये सभी लोग सामान्य रूप से अपना जीवन यापन करते हैं।

मिजोरम की खुबसूरत वादियों में रहता है यह परिवार-

जियोना चाना का यह परिवार मिजोरम की खुबसूरत वादियों के बीच रहता है। यह जगह शांति से भरी हुई है। इस घर का मुखिया जियोना चाना बढ़ई का काम करते हैं और परिवार के काम आने वाले हर चीज को वो या खुद ही पैदा कर लेते हैं या बना लेते हैं। यह पूरा परिवार एक साथ बैठकर खाना खाते है। वह अपने परिवार के साथ 100 कमरों के जिस मकान में रहते हैं उसमें एक बड़े से रसोईघर के अलावा सबके लिए पर्याप्त जगह है और जिओना अपने परिवार को बड़े अनुशासन से आगे बढ़ा रहे हैं। इस परिवार की महिलाएं मिलजुल कर खेती बाड़ी करती है। गिनिज  बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज़ इस परिवार के सदस्य अपने आप में पूरा गांव हैं। इस परिवार में सुनने वालों की कमी नहीं, मैच खेलने जाएं तो देखने वालों की कमी नहीं और एक साथ बैठ जाएं तो अपने आप में मेला और त्यौहार हो जाए । कोरोना काल में भी यह परिवार खुशी से अपना जीवन व्यतीत कर रहा है।

कोरोना काल ने सिखाया परिवार का महत्व-

कोरोनाकाल में शहर का ऐसा कोई परिवार नहीं है, जो इसके प्रभाव से बचा हो। किसी के पिता तो किसी की मां व भाई-बहन, बेटा-बेटी आदि इसके शिकार हुए हैं, लेकिन जब कोरोना से लड़ने की बारी आई तो सब एकजुट होकर कोरोना से जंग लड़कर विजयी हुए और अपनों की जिंदगी बचा ली। जिन्होंने पहले एकल परिवार को तरक्की का पैमाना मान लिया था, वे महामारी के दौरान परिवार का सहारा ढूंढ रहे हैं। जब जान पर बन आने का खतरा चारों ओर मंडरा रहा है तो हम एक दूसरे की साथ का सहारा खोज रहे हैं। यह मान रहे हैं कि परिवार साथ है तो हर मुश्किल आसान है। कोरोना महामारी के समय ने परिवार की महत्ता को एक बार फिर साबित किया है।