October 16, 2021

2 अप्रैल 2011 में भारतीय क्रिकेट टीम ने दूसरी बार जीता था वर्ल्ड कप, महेंद्र सिंह धोनी बने थे “मैन ऑफ द मैच”।

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आज का दिन यानि 2 अप्रैल हम भारतवासियों के लिए बेहद खास है। 2 अप्रैल की तारीख भारतीय क्रिकेट के लिहाज से बहुत ही यादगार और ऐतिहासिक है। क्रिकेट की दुनिया में 2 अप्रैल का दिन हमेशा इतिहास के पन्नों पर स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। क्योंकि यही वो दिन था जब कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी की अगुआई में भारतीय क्रिकेट टीम ने दूसरी बार वर्ल्ड कप जीता था। भारत का दोबारा विश्व कप जीतने का सपना 28 साल बाद पूरा हुआ था। 2 अप्रैल 2011 को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में महेंद्र सिंह धोनी ने आखिरी गेंद पर सिक्स मारकर भारत को विश्व विजेता बनाया था। आज भारत विश्व विजेता बनने की दसवीं सालगिरह मना रहा है।

जानें कैसा रहा था 2011 के वर्ल्ड कप का फाइनल-

भारत ने 2 अप्रैल 2011 में श्रीलंका को हराकर वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया था। इससे पहले भारत ने पहली बार 1983 में वर्ल्ड कप जीता था। 2011 के वर्ल्ड कप में टीम इंडिया ने पाकिस्तान को दूसरे सेमीफाइनल में मात देकर फाइनल में प्रवेश किया था तो वहीं दूसरी तरफ श्रीलंका ने पहले सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड को मात दी थी और फाइनल में जगह बनाई थी।फाइनल में श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 274 रन बनाए थे और भारत को 275 रन का लक्ष्य दिया था। श्रीलंका की तरफ से महेला जयवर्धने ने 103 रन की पारी खेली थी। 275 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही थी और पहले ही ओवर में वीरेंद्र सहवाग के रूप में भारत को पहला झटका लगा। इसके बाद सचिन तेंदुलकर का विकेट भी सातवें ओवर में गिर गया।सचिन-सहवाग के जल्दी आउट होने के बाद विराट कोहली और गौतम गंभीर ने भारतीय पारी को संभाला और तीसरे विकेट के लिए 84 रनों की साझेदारी की। 22वें ओवर में विराट कोहली भी आउट हो गए। जब विराट का विकेट गिरा तो भारत का स्कोर 114/3 था और जीत के लिए 168 गेंदों पर 166 रन चाहिए थे। विराट के आउट होने के बाद मैदान पर महेंद्र सिंह धोनी उतरे, जिन्होंने गौतम गंभीर के साथ मिललकर चौथे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की। 42वें ओवर में गौतम गंभीर 97 रन बनाकर आउट हो गए और उसके बाद धोनी ने युवराज सिंह के साथ मिलकर भारत को वर्ल्ड चैंपियन बना दिया। धोनी ने लॉन्ग ऑन पर सिक्स मारकर भारत को जीत दिलाई।

2 अप्रैल 2011 को दिपावली के त्यौहार जैसा था जश्न-

इस दिन पूरे देश में दिपावली जैसा माहौल था। इस दिन देश के हर शहर में पटाखों की गूंज थी। साल 2011 का यह वो दिन था जब देश में दिवाली जैसा जश्न मनाया गया। क्योंकि इसी दिन कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने हेलिकॉप्टर सिक्स लगाकर भारतीय टीम को विश्व विजेता बनाया था। जिससे पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ पड़ी थी।

भारत ने 25 जून 1983 को अपना पहला वर्ल्ड कप खिताब जीता था-

कपिल देव की कप्तानी में भारत ने 25 जून 1983 को अपना पहला वर्ल्ड कप खिताब जीता था।

सचिन तेंदुलकर का था यह छठा विश्व कप-

क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर का यह छठा विश्व कप था। टीम इंडिया के सचिन के वर्ल्ड कप जीतने के सपने को साकार कर दिया था, जीत के बाद टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने सचिन को कंधे पर उठाकर मैदान का चक्कर लगाया था। सचिन तेंडुलकर को सम्मान देते हुए जब टीम ने उन्हें कंधों पर उठाकर पूरे मैदान में घुमाया तो वह सबको रोमांचित कर देनेवाला पल था।

“मैन ऑफ द मैच” बने महेंद्र सिंह धोनी-

फाइनल मैच में धोनी को 91 रन बनाने के लिए “मैन ऑफ द मैच” घोषित किया गया। धोनी ने युवी के साथ मोर्चा संभाला और नाबाद 54 रनों की साझेदारी करते हुए टीम इंडिया को विश्व विजेता बना दिया। युवी 24 गेंद पर 21 रन बनाकर नाबाद रहे, जबकि धोनी ने 79 गेंदों में 8 फोर और 2 सिक्स की मदद से 91 रन बनाकर नाबाद लौटे। कप्तान एमएस धोनी ने श्रीलंका के गेंदबाज नुवान कुलाशेखरा की गेंद पर छक्का जड़कर हर भारतीय का सीना गर्व से चौरा कर दिया था।