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भारतवंशी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने फिर रचा इतिहास, अंतरिक्ष के लिए तीसरी बार भरी उड़ान

देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने बुधवार को तीसरी बार अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरीं है।

मिशन पर जाने वाली पहली महिला बनीं सुनीता

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को लेकर बोइंग का क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन फ्लोरिडा के केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन से रवाना हुआ। इसके साथ ही वह वह बोइंग के सीएसटी-100 स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए उड़ान भरने वाली पहली सदस्य बन गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मिशन के गुरुवार दोपहर 12:15 बजे अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचने की संभावना है। इससे पहले यह मिशन  कई बार प्रभावित हो चुका है।

पद्म भूषण से सम्मानित भी हुई है सुनीता विलियम्स

सुनीता गुजरात के अहमदाबाद से थीं। सुनीता विलियम्स का जन्म 19, सितंबर, 1965 को अमेरिका के ओहियो के क्लीवलैंड में हुआ था।परिवार सुनीता के जन्म के पहले ही 1958 में अहमदाबाद से अमेरिका के बोस्टन में बस गए थे।सुनीता विलियम्स का 1998 में जून में अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा में सिलेक्शन हुआ था। सुनीता 2006 में पहली बार अंतरिक्ष गई थी। सुनीता विलियम्स साल 2006 और 2012 में दो बार स्पेस में जा चुकी हैं। नासा के रिकॉर्ड के मुताबिक वो स्पेस में अबतक कुल 322 दिन बीता चुकी हैं। वह नौसेना पोत चालक, हेलिकॉप्टर  पायलट, पेशेवर नौसैनिक, मैराथन धावक भी रही हैं। सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष में लंबे समय तक रूकने का रिकॉर्ड तो बनाया था, साथ ही उन्‍हें 50 घंटे तक स्‍पेस वॉक करने का रिकॉर्ड भी बनाया था। सुनीता विलियम्स को भारत सरकार द्वारा साल 2008 में साइंस और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।

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