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अंतरिक्ष में भारत का मान: केरल से ताल्लुक रखने वाले डॉ. अनिल मेनन ‘सोयुज MS-29’ से ISS के लिए रवाना, 2027 में लौटेंगे पृथ्वी पर

​देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री डॉ. अनिल मेनन ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है।

किया धन्यवाद

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डॉ. मेनन रूसी अंतरिक्ष यान ‘सोयुज एमएस-29’ (Soyuz MS-29) के जरिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए अपनी पहली अंतरिक्ष यात्रा पर रवाना हो चुके हैं। जिसमें उन्होंने कजाकिस्तान के ऐतिहासिक बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से रूसी अंतरिक्ष यात्रियों प्योत्र डुब्रोव और अन्ना किकिना के साथ उड़ान भरी। इस रिसर्च से प्राप्त आंकड़े भविष्य में ‘लो अर्थ ऑर्बिट’ (LEO) से आगे के मिशनों को डिजाइन करने में मदद करेंगे। जिस पर उड़ान भरने से कुछ घंटे पहले डॉ. अनिल मेनन ने इंस्टाग्राम पर एक बेहद भावुक पोस्ट साझा की। उन्होंने मिशन के लिए अपनी पूरी तैयारी की बात कहते हुए नासा, अपने परिवार और दोस्तों को उनके निरंतर समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।

दी अपनी सेवाएं

डॉ. अनिल मेनन का पारिवारिक संबंध केरल के पलक्कड़ जिले के ओट्टापालम से है। वे एक कुशल डॉक्टर होने के साथ-साथ मैकेनिकल इंजीनियर भी हैं। उन्होंने अमेरिकी अंतरिक्ष बल में बतौर ‘फ्लाइट सर्जन’ अपनी सेवाएं दी हैं। वे एक प्रशिक्षित पायलट भी हैं, जिसके बाद उन्होंने नासा (NASA) के अंतरिक्ष यात्री दल में अपनी जगह पक्की की।

मिशन से जुड़ी जानकारी

मिशन पैरामीटरविवरण
अंतरिक्ष यानसोयुज एमएस-29 (Soyuz MS-29)
लॉन्च स्टेशनबैकोनूर कॉस्मोड्रोम, कजाकिस्तान
सह-यात्री (Crew)प्योत्र डुब्रोव और अन्ना किकिना (रूसी कॉस्मोनॉट्स)
मिशन की अवधिलगभग 8 महीने (वापसी वर्ष 2027 में होगी)
उड़ान का समयमंगलवार रात 8:17 बजे (लॉन्च के 3 घंटे बाद डॉकिंग की उम्मीद)
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