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कहीं यूक्रेन के बाद अब फ़िनलैंड से तो नहीँ बन रही युद्ध की स्थिति, रूस ने सीमा पर जवान किये तैनात


यूक्रेन और रुस के बीच चल रहे युद्ध में एक और नया मोड़ आ गया है । खबर आ रही है कि यूक्रेन के बाद अब रुस फ़िनलैंड पर हमला कर सकता है । रूस ने  फ़िनलैंड से लगने वाली अपनी  सीमाओं पर सैन्य हथियारों को बढ़ा दिया है ।

रूस ने क्यों उठाया ये कदम ?

खबर है कि फ़िनलैंड और स्वीडन जल्द ही NATO में शामिल हो सकता है । जिस कारण रूस ने ये कदम उठाया । रूस ने अपने पड़ोसी देशों को धमकी देने के बाद फ़िनलैंड की सीमाओं पर भारी हथियार तैनात कर दिए हैं । रूस ने भारी मिसाइल सिस्टम भी तैनात किया है । बताया जा रहा है कि  रात को    फ़िनलैंड की राजधानी हेलेंस्की की सीमाओं  तक रूस के दो कोस्टल डिफेंस मिसाइल सिस्टम को ले जाते हुए देखा गया है । ये मिसाइल सिस्टम -300 पी बासशन पी मोबाइल कोस्टल डिफ़ेन्स सिस्टम बताये जा रहे है । इसके अलावा एक वीडियो भी जारी हुआ है । जिससे लग रहा है कि रूस ने फ़िनलैंड में लगने वाली  सीमाओं में सैन्य टुकड़ी को तैनात कर दिया  है ।

1917 में फिनलैंड, रूस से आजाद हुआ

1917 में फिनलैंड, रूस से आजाद हुआ था। नाटो की ही बात करें तो यदि फिनलैंड इसका सदस्‍य बनता है तो स्‍वीडन भी इसी राह पर आगे बढ़ेगा ।   फिनलैंड के प्रधानमंत्री ने कुछ दिन पहले कहा था कि
वह नाटों से  जुड़ने पर विचार कर रहा है   । जून में होने वाले नाटो सम्‍मेलन से पहले ही फिनलैंड इस बारे में फैसला ले लेगा। उन्होंने ये भी कहा था कि
रूस उनकी सोच से अलग है। बदलते समय में रूस के साथ भी रिश्‍ते बदल रहे हैं और ये पहले जैसे होंगे इसकी उम्‍मीद भी नहीं है। उन्‍होंने भविष्‍य में अपने देश की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की थी ।

नाटों से न जुड़ने की हिदायत

सबसे खुशहाल देश फ़िनलैंड आइसलैंड और नॉर्वे के बाद  यूरोप का तीसरा सबसे कम आबादी वाला देश  है। इसकी  जनसंख्या 5.53 मिलियन से अधिक है और औसत जनसंख्या घनत्व 19 निवासियों प्रति वर्ग किलोमीटर (49/वर्ग मील) है। वहीँ  रूस ने फिनलैंड और स्‍वीडन को धमकी दी है कि यदि वो नाटो का सदस्‍य बनते हैं तो इस कदम से यूरोप में अस्थिरता का खतरा बढ़ जाएगा। रूस ने कड़े शब्‍दों में इन दोनोंं देशों को ऐसा कोई भी कदम न उठाने की सख्‍त हिदायत दी है। क्रेमलिन के प्रवक्‍ता दिमित्री पेस्‍काव का कहना है कि यदि ऐसा कोई भी कदम उठाया गया तो ये इन दोनों देशों को संघर्ष की राह पर ला सकता है। 

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