आज 14 जनवरी 2026 है। आज मकर संक्रांति के साथ ही एकादशी भी पड़ रहीं हैं। आज षटतीला एकादशी है। हिन्दू धर्म में माघ महीना का विशेष धार्मिक महत्व होता है। इस माह में पड़ने वाली षटतिला एकादशी बहुत महत्वपूर्ण होती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह में 2 एकादशी आती है और पूरे साल में 24 एकादशी आती है । सभी एकादशी का अपना अलग अलग शास्त्रीय महत्व माना जाता है । धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भी व्यक्ति प्रत्येक एकादशी का व्रत पूरी श्रद्धा के साथ करता है, उसे संसार के सभी सुखों की प्राप्ति होती है। जिसमें भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है।
जानें शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के मुताबिक माघ माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 13 जनवरी 2026 को दोपहर 3 बजकर 16 मिनट पर होगी। एकादशी तिथि समापन 14 जनवरी को शाम 5 बजकर 52 मिनट पर होगा। ऐसे में उदयातिथि को आधार मानते हुए षटतिला एकादशी का व्रत 14 जनवरी को रखा जाएगा।
📌📌इस दिन विशेष योग जैसे सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग बन रहे हैं। इन योगों में पूजा करने से साधक को दोगुना पुण्य प्राप्त होता है और व्रत का फल अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 07:15 बजे से शुरू होगा, जो अगले दिन तड़के 03:03 बजे तक रहेगा। वहीं, अमृत सिद्धि योग भी सुबह 07:15 बजे से 15 जनवरी को सुबह 03:03 बजे तक है। सर्वार्थ सिद्धि योग में किया गया स्नान और दान पुण्य फलदायी होगा।
जानें एकादशी पूजन-विधि
सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद भगवान श्री हरि विष्णु और माता लक्ष्मी की साथ में उपासना करें। प्रभु का जलाभिषेक करें। फिर पीला चंदन, पीले फूल, पीला फल, तुलसी दल चढ़ाएं। व्रत रखा है तो एकादशी व्रत कथा का पाठ करें। इसके बाद घी के दीपक की विष्णु जी और लक्ष्मी जी की आरती करें। भगवान को मिठाई और फल का भोग अर्पित करें और पूजा के अंत में भगवान विष्णु की आरती जरूर करें। अंत में क्षमा प्रार्थना करें। अगले दिन प्रभु की पूजा करने के बाद व्रत का पारण करें। एकादशी व्रत के दिन दान-पुण्य को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इस विशेष दिन पर जरूरतमंद लोगों को भोजन, वस्त्र और धन का दान जरूर करें।