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02 जुलाई: राष्ट्रीय वन्यभूमि अग्निशामक दिवस आज, जंगलों के रक्षक, अदम्य साहस और बलिदान को समर्पित यह दिवस, हमारे वीर अग्निशामकों के संघर्ष को सलाम

आज 02 जुलाई 2026 है। आज राष्ट्रीय वन्यभूमि अग्निशामक दिवस मनाया जाता है। राष्ट्रीय वन्यभूमि अग्निशामक दिवस मुख्य रूप से 2 जुलाई को मनाया जाता है। यह विशेष दिन जंगलों, वनों और वन्य क्षेत्रों की आग से निपटने वाले समर्पित और साहसी वन अग्निशामकों के बलिदान, अदम्य साहस और कठिन परिश्रम को सम्मान देने के लिए समर्पित है।

खास है महत्व

यह दिन उन बहादुर पुरुषों और महिलाओं को सम्मानित करने के लिए होता है, जो जंगलों में लगने वाली आग से लड़ते हैं। ऐसे बहादुर पुरुष और महिलाएं जो अपनी जान पर खेलकर उस आग को बुझाने की पूरी कोशिश करते हैं। उनके इस संघर्ष भरे काम के लिए उन्हें दिल से धन्यवाद दिया जाए, इसलिए इस दिन को मनाया जाता है। यह दिन उन वन अग्निशामकों को श्रद्धांजलि देने का अवसर है, जिन्होंने जंगलों की आग बुझाते हुए और समुदाय की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी। यह केवल जंगलों की ही नहीं, बल्कि वन्य क्षेत्रों से जुड़े रिहायशी इलाकों और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा करने वाले कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करता है। इस खास दिवस पर जंगलों की आग की रोकथाम के लिए किए जाने वाले प्रयासों और प्रशिक्षित दमकल कर्मियों के महत्व को उजागर किया जाता है।

जानें कब हुई स्थापना

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नेशनल इंटरएजेंसी फायर सेंटर के फायर मैनेजमेंट बोर्ड ने 2022 में नेशनल वाइल्डलैंड फायर फाइटर डे की स्थापना की थी। इस दिन की स्थापना करने का खास उद्देश्य जंगल में आग बुझाने वाले और सहायता कर्मियों को सम्मानित करने के लिए चुना गया था। इसमें स्थानीय, राज्य, आदिवासी, ग्रामीण, ठेकेदार, सहायता कर्मी सहित कई जगह के लोग शामिल है। इस दिन उन लोगों का सम्मान किया जाता है, जिन लोगों की जंगल में आग बुझाने के दौरान अपना बलिदान दिया।

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