आज 18 जून 2026 है। आज प्रद्युम्न चतुर्थी है। प्रद्युम्न चतुर्थी भगवान गणेश के साथ ही भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के पुत्र प्रद्युम्न को समर्पित एक विशेष त्योहार है। हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर व्रत किया जाता है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करना चाहिए। इस अवसर पर भगवान गणेश सहित श्रीकृष्ण परिवार की पूजा की जाती है।
पौराणिक कथा
मान्यता है कि जन्म के तुरंत बाद प्रद्युम्न को शम्बरासुर नामक राक्षस ने समुद्र में फेंक दिया था, जहाँ से वे जीवित बच निकले थे और बाद में उन्होंने उसी राक्षस का वध किया था। इस दिन भगवान गणेश के साथ-साथ भगवान श्रीकृष्ण और प्रद्युम्न की पूजा करने से घर में सुख-शांति आती है, बाधाएं दूर होती हैं और पारिवारिक संबंधों में मधुरता बढ़ती है। पुराणों के अनुसार प्रद्युम्न चतुर्थी के दिन गणेश पूजा से कार्यों में आने वाली रुकावटें कम होती हैं और नए कार्यों में सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है।
जानें शुभ मुहूर्त
प्रद्युम्न चतुर्थी का व्रत सूर्योदय से शुरू होकर चंद्रोदय तक चलता है। इस व्रत में मध्याह्न (दोपहर) के समय पूजा करना सबसे उत्तम माना जाता है। हिंदू ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 17 जून को रात 09 बजाकर 38 मिनट पर होगी। वहीं, इस तिथि का 18 जून को शाम 06 बजकर 58 मिनट पर होगा। ऐसे में प्रद्युम्न चतुर्थी 18 जून को मनाई जाएगी।