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मातृत्व दिवस पर खुशनुमा परवीन की स्वरचित कविता – मां जैसा इस दुनिया में कोई और कहा…

मां जैसा इस दुनिया में कोई और कहा,
मां के आंचल से मिला सुख और कोई कहा,
बच्चों के चेहरे के पीछे की उदासी जान लेती हैं,
यह मां हैं जनाब जो बच्चों को उनसे ज्यादा जानती हैं,

मां जैसा इस दुनियां में और कोई कहा,
मां इस दुनियां की सबसे बड़ी योद्धा है,जो
अपने बच्चो के लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाती हैं,

मां का प्यार बच्चो के लिए स्वर्ग है,मां के पैरो के नीचे जन्नत है,
तभी तो मां का दर्जा इस दुनियां में सबसे उपर हैं,
मां शब्द नही सुकून है,मां जन्नत का हमारा एक प्यारा सा फूल हैं,
मां के बारे में जीतना लिखो उतना कम है, क्योंकि
मां ही हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है ।

-खुशनुमा परवीन

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