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जानें कब है अक्षय नवमी, श्रीहरि के साथ की जाती है आंवले की पूजा, सतयुग ने मानी गई है शुरुआत

आज हम अक्षय नवमी की जानकारी देंगे। जो अक्टूबर माह में पड़ रहीं हैं। अक्षय नवमी को आंवला नवमी भी कहा जाता है। यह उत्सव प्रतिवर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर मनाया जाता है, जिसमें आंवले के वृक्ष की विशेष पूजा की जाती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा- अर्चना की जाती है। ऐसा माना जाता है कि अक्षय नवमी के दिन ही सतयुग की शुरुआत हुई थी। वहीं इस दिन किया गया पुण्य अक्षय फल देने वाला माना जाता है।

जानें शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, 30 अक्टूबर को सुबह 10:06 बजे से प्रारंभ होगी। वहीं 31 अक्टूबर को सुबह 10:03 बजे इसका समापन होगा। उदिया तिथि के आधार पर अक्षय नवमी का पर्व 31 अक्टूबर को मनाया जाएगा।
अक्षय नवमी पर पूजा का शुभ मुहूर्त 31 अक्टूबर 2025, शुक्रवार को सुबह 06 बजकर 37 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 04 मिनट तक रहेगा। ऐसे में आंवले के पेड़ की पूजा करने और भजन के लिए 03 घंटे 25 मिनट का समय मिलेगा।

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