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जानें अगस्त माह में कब है नारली पूर्णिमा, किसका माना जाता है प्रतीक व महत्व

आज हम आपको नारली पूर्णिमा की जानकारी देंगे। हर साल सावन की पूर्णिमा तिथि को रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है। भारत के तटीय क्षेत्रों, विशेष रूप से महाराष्ट्र, कोंकण, गोवा और गुजरात में रहने वाले मछुआरा समुदाय इस दिन को नारली पूर्णिमा या नारियल पूर्णिमा के रूप में बड़े धूमधाम से मनाते हैं। यह दिन समुद्र के देवता वरुण को समर्पित होता है। 

जानें शुभ मुहूर्त

इस साल सावन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 8 अगस्त 2025 को दोपहर 2:12 बजे होगी। यह 9 अगस्त 2025 को दोपहर 1:24 बजे समाप्त होगी। ऐसे में नारली पूर्णिमा का पर्व 9 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 7:27 बजे से 9:07 बजे तक रहने वाला है। इसके अलावा दोपहर 12:26 बजे से 2:06 बजे तक का समय भी पूजा के लिए शुभ रहने वाला है।

जानें महत्व

नारियल पूर्णिमा खासकर सभी मछुआरों का त्योहार होता है। मछुआरे भी मछली पकड़ने की शुरुआत इसी दिन से भगवान इंद्र और वरुण की पूजा करने के बाद करते हैं। यह इस दिन वर्षा के देवता इंद्र और समुद्र के देवता वरुण देव की पूजा की जाती है। यह त्यौहार इस बात का भी प्रतीक है कि अब मानसून समाप्ति की ओर है और मछुआरे फिर से समुद्र में जाकर मछलियां पकड़ सकते हैं।

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