आज हम रवि प्रदोष व्रत की जानकारी देंगे। प्रदोष व्रत हर माह कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्र्योदशी तिथि को किया जाता है। त्र्योदशी तिथि रविवार के दिन होने से यह रवि प्रदोष व्रत कहलाएगा। इस दिन शिव की विधिपूर्वक पूजा और व्रत करने का विधान है। एक महीने में 2 प्रदोष व्रत होते हैं। इस दिन सुबह से शाम तक व्रत किया जाता है और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद व्रत का पारण किया जाता है। रविवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को रवि प्रदोष व्रत के रूप में जाना जाता है।
जानें शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, 08 जून को प्रदोष व्रत है।
ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 8 जून को सुबह 7 बजकर 17 मिनट पर प्रारंभ होगी। साथ ही इस तिथि का समापन 9 जून को सुबह 9 बजकर 35 मिनट पर होने जा रहा है। इस प्रकार प्रदोष व्रत रविवार 8 जून को किया जाएगा। इस दिन रविवार होने के कारण रवि प्रदोष व्रत का संयोग बन रहा है।
पूजा का शुभ मुहूर्त – शाम 7 बजकर 18 से रात 9 बजकर 19 मिनट तक रहने वाला है।