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जानें मार्च माह में कब पड़ रही है वासुदेव चतुर्थी, बन रहे यह शुभ संयोग, देखें शुभ मुहूर्त व तिथि

आज हम वासुदेव चतुर्थी की जानकारी देंगे। जो मार्च महीने में पड़ रही है। वर्ष 2026 में वासुदेव चतुर्थी (चैत्र विनायक चतुर्थी) रविवार, 22 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। यह चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है, जिस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है। यह दिन विघ्नहर्ता गणेश जी की उपासना के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है। प्रत्येक माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित होता है। इस शुभ अवसर पर क्रमशः संकष्टी और विनायक चतुर्थी मनाई जाती है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। गणेश जी को विघ्नहर्ता और बुद्धि के देवता माना जाता है। इस पर्व को भारत के विभिन्न हिस्सों में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।

जानें शुभ मुहूर्त

हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के अगले दिन वासुदेव चतुर्थी मनाई जाती है। इस साल रविवार 22 मार्च को वासुदेव चतुर्थी है। इस शुभ अवसर पर भगवान गणेश की पूजा की जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, 21 मार्च को देर रात 11 बजकर 56 मिनट पर चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी की शुरुआत होगी। वहीं, 22 मार्च को रात 09 बजकर 16 मिनट पर चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का समापन होगा। सनातन धर्म में सूर्योदय से तिथि की गणना की जाती है। इसके लिए 22 मार्च को वासुदेव चतुर्थी मनाई जाएगी।
📌📌इस शुभ अवसर पर रवि और भद्रावास योग का संयोग है। रवि योग का संयोग रात 10 बजकर 42 मिनट तक है। वहीं, भद्रावास योग सुबह 10 बजकर 36 बजकर से रात 09 बजकर 16 मिनट तक है। इन योग में भगवान गणेश की पूजा करने से साधक के सुख और सौभाग्य में वृद्धि होगी।

जानें पूजन विधि

आज प्रात: स्नान करने के बाद सबसे पहले सूर्य देव की पूजा करके उनको जल अर्पित करें । उसके बाद हाथ में जल, अक्षत् और फूल लेकर विनायक चतुर्थी व्रत और गणेश पूजा का संकल्प ले। पूजा के शुभ मुहूर्त में गणेश जी की मूर्ति की स्थापना करें ।  उनको जनेऊ, वस्त्र, मौली, सिंदूर, चंदन, अक्षत्, धूप, दीप, गंध, दुर्वा, लाल पुष्प, माला, फल, हल्दी आदि अर्पित करते हुए पूजा करें । अब गणपति बप्पा को उनका पसंदीदा भोग मोदक या फिर बूंदी के लड्डुयों का भोग अर्पित करें ।  उसके बाद गणेश चालीसा और विनायक चतुर्थी व्रत कथा का पाठ करें । इसके बाद गणेश जी की घी से आरती करें । उसके पश्चात पूजा में कमियों के लिए क्षमा मांग लें और जीवन में सुख, समृद्धि, सफलता प्रदान करने या मनो​कामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करें । आज आप ओम गं गणपतये नम: का मंत्रो का उच्चारण करते रहें  ।आज के दिन आप चंद्रमा न देखें, इससे आप पर कोई झूठा आरोप लग सकता है। आज आप अ​पनी क्षमता के अनुसार वस्त्र, अन्न, धन आदि का दान भी कर सकते हैं। 

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