October 17, 2021

कुंभ मेला 2021: कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के चलते कुंभ मेले के आयोजन का जल्द हो सकता है समापन।

 65 total views,  2 views today

कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के बीच कुंभ मेला आयोजित किया जा रहा है। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में कुंभ मेला आयोजित किया जा रहा है। कोरोना संक्रमण के बढ़ती महामारी का कुंभ मेले में भी बहुत असर देखने को मिला है। जिसके चलते सरकार भी चिंतित है। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं साधुओं के पॉजिटिव मिलने के बाद अब अखाड़ों ने इस आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन से दूरी बनानी शूरू कर दी है। कुंभ मेले में कोरोना महामारी के खतरे को देखते हुए प्रमुख 13 अखाड़ों में से दो निरंजनी अखाड़ा और तपो निधि श्री आनंद अखाड़ा ने इससे हटने का फैसला किया है।

समय से पहले समाप्त हो सकता है कुंभ मेला-

कुंभ नगरी हरिद्वार में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बाद प्रशासन भी सर्तक हो गया है। जिसके चलते कुंभ मेला समय से पहले समाप्त किया जा सकता है।

कुंभ मेले में कोविड-19 की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए जल्द हो सकता है आयोजन का समापन-

हरिद्वार में भी कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले सामने आ रहे हैं। हरिद्वार में कुंभ मेले में भी कोरोना ने अपनी दस्तक दे दी है। जिसके चलते हरिद्वार में कुंभ मेले के आयोजन का जल्द समापन किया जा सकता है।

श्रीपंचायती अखाड़ा निरंजनी और आनंद अखाड़े ने अपने अखाड़े के संतों के लिए कुंभ मेला समाप्त करने की घोषणा की-

कोरोना संक्रमण के चलते एक महामंडलेश्वर की मौत और कई अन्य संतों के संक्रमित होने से संत समाज भी सहमा हुआ है। इस बीच, श्रीपंचायती अखाड़ा निरंजनी और आनंद अखाड़े ने वीरवार को पहल करते हुए अपने अखाड़े के संतों के लिए कुंभ मेला समाप्त करने की घोषणा कर दी। वह 17 अप्रैल को मेले का समापन कर देंगे। अखाड़े के श्रीमहंत रविंद्र पुरी के अनुसार छावनी में प्रवास कर रहे संत अखाड़ों में वापस चले जाएंगे।

निर्माणी अणि अखाड़ा के महामंडलेश्वर की कोरोना से हुई मौत-

हरिद्वार के कुंभ मेले में मध्य प्रदेश से आए निर्वाणी अखाड़ा के महामंडलेश्वर कपिल देव की कोरोना से मौत हो गई। हाल ही में महामंडलेश्वर के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद उन्हें देहरादून के कैलाश हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। जहां 13 अप्रैल को उनका निधन हो गया।

गुरूवार को हरिद्वार में मिले 613 कोरोना संक्रमित मरीज

गुरुवार को उत्तराखंड में कोरोना के 2,220 नए केस मिले। राज्य में यह एक दिन का सर्वाधिक आंकड़ा है।  वही हरिद्वार में भी आए दिन कोरोना संक्रमण मरीजों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। जिसके चलते कुंभ मेले में खतरा मंडरा रहा है। वही हरिद्वार में गुरूवार को 613 मरीजों में कोरोना संक्रमण पाया गया।

कोरोना संक्रमण के चलते पहले से ही कुंभ मेले में हुई थी कटौती-

2020 में कोरोना संक्रमण ने भारत में अपनी दस्तक दी थी। जिसकी 2021 में दूसरी लहर ने अपना पहले से भी अधिक विकराल रूप लेना शुरू कर दिया है। वही कोरोना संक्रमण के चलते कुंभ मेले के आयोजन में पहले से ही कटौती की गई थी। इस बार मेले का आयोजन 1 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच ही रखा हुआ है, लेकिन कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के बाद इसकी भी अवधि कम हो सकती है।

सामान्य परिस्थितियों में 12 वर्षों के अंतराल पर आयोजित होने वाला कुंभ मेला करीब चार महीने तक होता है आयोजित-

हरिद्वार में कुंभ मेला 12 वर्षों के अंतराल पर आयोजित किया जाता है। जो काफी भव्य रूप से आयोजित किया जाता है। यह कुंभ मेला करीब चार महीने तक आयोजित होता है। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते है, लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के प्रकोप के चलते कुंभ मेला एक महीने के लिए आयोजित किया गया है, जो जल्द समाप्त हो सकता है।

इस बार 12 वर्षों की जगह 11 वर्षों में आयोजित हुआ कुंभ मेला-

कुंभ मेला हर वर्ष 12 वर्षों में आयोजित किया जाता है, लेकिन इस बार कुंभ मेला 11 वर्षों में आयोजित किया गया है। जिसमें भी कोरोना संक्रमण ने अपनी दस्तक दे दी है।

अब तक कुंभ मेले में 1700 से ज्यादा लोग मिले पॉजिटिव-

हरिद्वार कुंभ मेला क्षेत्र में 10 से 14 अप्रैल के बीच 1700 से अधिक लोगों के कोरोना वायरस संक्रमित पाए गए हैं। आशंका है कि विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक जमावड़ा कोविड-19 के मामलों में आ रहे जबरदस्त उछाल को और तेज कर सकता है। स्वास्थ्यकर्मियों ने मेला क्षेत्र में इन पांच दिनों में 2,36,751 कोविड जांच कीं, जिनमें से 1701 लोगों की रिपोर्ट में उनके महामारी से ग्रस्त होने की पुष्टि हुई। हरिद्वार के मुख्य चिकित्साधिकारी शंभु कुमार झा ने कहा कि इस संख्या में श्रद्धालुओं और विभिन्न अखाड़ों के साधु-संतों की हरिद्वार से लेकर देवप्रयाग तक पूरे मेला क्षेत्र में पांच दिनों में की गई आरटी-पीसीआर और रैपिड एंटीजन जांच दोनों के आंकड़े शामिल हैं।