Site icon Khabribox

स्वाति तिवारी द्वारा रचित कुमाऊंनी कविता, हमर मातृभाषा कुमाऊंनी, बुलाण में किले शरमौनी

हमर मातृभाषा कुमाऊंनी
बुलाण में किले शरमौनी
तुमले बुला, हमूल बुलै
साथ मिलबेर फ़सक लंगू।

गीत गा , नाच कर
पहाड़क संगीत मा
मौज कर।

पहाड़ी बुला,
पहाड़क साहित्य पढ़
पहाड़ी कहावत लै क।

पहाड़ मौसम जसी
पहाड़ी भाषा लै कूल छ
जो पहाड़ी इके न बुला सकणी
वी मैस अंग्रेजी क फूल छ।

Exit mobile version