रूस ने यूक्रेन के चार क्षेत्रों पर औपचारिक अधिग्रहण कर लिया है । जहां उसने जनमत संग्रह करवाया था। ये क्षेत्र हैं- लुहांस्क, दोनेत्सक, खेरसन और जेपोरिजिया। रूस का दावा है कि इन क्षेत्रों के निवासियों ने रूस के शासन में रहने के पक्ष में मतदान किया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के कई हिस्सों को रूस में मिलाने की घोषणा की। इसके लिए क्रेमलिन में एक आयोजन किया गया। इस बीच पश्चिमी देश उन पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों को धता बताने का आरोप लगा रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि रूस उसका हिस्सा बने इन नए इलाकों की रक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाएगा। इस बीच पुतिन ने यूक्रेन से बातचीत के लिए साथ बैठने का आग्रह भी किया।
यूक्रेन की सरकार को लोगों की इस इच्छा का पूरा सम्मान करना चाहिए
उन्होंने कहा कि यूक्रेन की सरकार को लोगों की इस इच्छा का पूरा सम्मान करना चाहिए । रूस इस क्षेत्र में रह रहे लोगों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेगा और बर्बाद हुए क़स्बों और गांवों को फिर से बसाएगा और यहां शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाएं विकसित करेगा । पुतिन ने कहा कि यहां सुरक्षा मज़बूत की जाएगी ताकि यहां रह सभी लोगों को अहसास हो सके कि वो एक महान मातृभूमि का हिस्सा हैं ।
रूस का चार प्रांतों का विलय संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरस ने कहा कि रूस का चार प्रांतों का विलय संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है और इसका कोई कानूनी मूल्य नहीं है। उन्होंने इस कदम को खतरनाक बताया और कहा कि इसे स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे शांति की संभावनाएं खतरे में पड़ेंगी ।
नेटो की जल्द से जल्द सदस्यता लेने के लिए आग्रह कर रहे हैं -ज़ेलेंस्की
इसी बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि वो नेटो की जल्द से जल्द सदस्यता लेने के लिए आग्रह कर रहे हैं । पुतिन के यूक्रेन के चार क्षेत्रों का विलय करने के बाद उन्होंने ये घोषणा की है । ज़ेलेंस्की ने कहा है, “हम पहले ही गठबंधन के मानकों पर अपनी अनुकूलता साबित कर चुके हैं। हम नेटो की सदस्यता तेज़ी से हासिल करने की याचिका पर हस्ताक्षर करके निर्णायक क़दम उठा रहे हैं । “