मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को प्रतिबंधित संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ के मुखिया गुरपतवंत सिंह पन्नू द्वारा धमकी दी गई है कि उनके संगठन से जुड़े लोगों पर केस दर्ज न किए जाएं। धमकी भरी आवाज में कर्मचारियों से कहा गया है कि रामनगर भारत का नहीं बल्कि खालिस्तान का हिस्सा है। साथ ही जी-20 समिट के दौरान रामनगर में खालिस्तान के समर्थन में झंडे लगाने की बात भी कही जा रही है। उधम सिंह नगर जनपद में पुलिस ने खालिस्तान अमृतपाल के पोस्ट को सोशल मीडिया में लाइक और शेयर करने वाले 25 लोगों को भी चिन्हित किया है। जबकि 20 लोगों की काउंसलिंग की गई। 5 लोगों का पुलिस एक्ट में चालान किया गया है।
रविवार शाम से धमकी का सिलसिला जारी
पंजाब से फरार खालिस्तान समर्थक, और ‘वारिस पंजाब दे’ का प्रमुख अमृतपाल सिंह और उसके भगोड़े साथियों की तलाश के बीच उत्तराखंड में हड़कंप मच गया। धमकी भरी कॉलस की जांच के लिए डीजीपी अशोक कुमार ने एसटीएफ को लगाया है। प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस के मुखिया गुरपतवंत सिंह पन्नू की रिकॉर्डेड आवाज में धमकी भरी कॉल लोगों को आ रही हैं। पन्नू की इस रिकॉर्डेड कॉल में रामनगर में होने वाली जी-20 बैठक को लेकर धमकी दी जा रही है। रविवार शाम से इस तरह की धमकी भरी कॉल आने का सिलसिला चल रहा है।वहीं सीएम पुष्कर सिंह धामी को धमकी दी गयी है कि संगठन के समर्थकों पर मुकदमे दर्ज न किए जाएं। यह भी धमकी दी है कि एसएफजे रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर इस समिट के दौरान खालिस्तान के समर्थन में झंडे लगाएगा।
उत्तराखंड पुलिस अलर्ट मोड पर
खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के उत्तराखंड में रुख करने की खबर के बाद से उत्तराखंड पुलिस अलर्ट मोड पर है। बॉर्डर से गुजरने वाले हर वाहन की सघन चेकिंग करने के बाद ही जाने दिया जा रहा है। वहीं लाउडस्पीकर के माध्यम से पंजाब से फरार चल रहे अभियुक्त अमृतपाल और उसके साथी पपलप्रीत, हरप्रीत, हरजीत व अन्य के संबंध में सूचना क्षेत्र के लोगों को दी गई।पुलिस ने लोगों से अपील की है कि इनमें से किसी को आश्रय या आर्थिक सहयोग उपलब्ध नहीं कराया जाए। यदि कोई इनका सहयोग करता है तो उसके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।