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अल्मोड़ा: कोरोना महामारी के कारण निर्मला अपने परिवार के साथ लौटी गांव, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर अब कमा रही लाखों रूपये…

कोरोना महामारी के कारण दिल्ली छोड़कर निर्मला फर्त्याल को अपने परिवार के साथ गांव को आना पड़ा। जिसके बाद वह राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी जिसके बाद वह आज लाखों रुपए कमा रही है।

छः महीने बाद ये राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ने से पूर्व विकासखण्ड हवालबाग के ग्राम पंचायत कनालबूंगा की निवासी निर्मला फर्त्याल 2019 तक दिल्ली में रहती थी। कोरोना की महामारी के कारण उन्हें  व उनके परिवार को दिल्ली छोड़कर अपने गॉव आना पड़ा। परियोजना निदेशक चंदा फर्त्याल ने बताया कि छः महीने बाद ये राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी तथा इनके समूह का नाम देवी मॉ स्वयं सहायता समूह रखा  गया तथा इन्हें सक्रिय महिला के रूप में चुना गया।

आरसेटी हवालबाग के माध्यम से मशरूम की ट्रेनिंग दी गयी

उन्होंने बताया कि इनके समूह को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना द्वारा आर0एफ0 की धनराशि मिली व सी0सी0एल0 की धनराशि भी प्राप्त हुई। इनके समूह को आरसेटी हवालबाग के माध्यम से मशरूम की ट्रेनिंग दी गयी। इनके द्वारा मशरूम की खेती व मशरूम बेचने का कार्य किया जाता है जिससे साल में इनको रू० 35000.00 की आय हो जाती है।

वर्तमान में मशरूम के साथ-साथ मधुमक्खी पालन का भी किया जा रहा कार्य

वर्तमान समय में इनके द्वारा मशरूम के साथ-साथ मधुमक्खी पालन का कार्य भी किया जा रहा है। शहद बेचने के उपरान्त इनको साल में रू 200000.00 की आय हो जाती है। अपने व्यवसाय के साथ-साथ ये सी0आर0पी0 का कार्य भी करती है। इनके द्वारा वर्तमान समय में समूह व ग्राम संगठन का गठन किया जाता है तथा इस योजना के बारे में जानकारी प्रदान की जाती है।

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