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हनुमान चालीसा का पाठ करने से भय, रोग, दोष होते हैं दूर, जानें बजरंगबली नाम से जुड़ी ये कथा

मंगलवार का ​दिन पवनपुत्र हनुमान जी को समर्पित दिन माना गया है। मंगलवार समेत हर दिन हनुमान चालीसा का पाठ करने से संकटमोचन हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और सदैव उनकी कृपा भक्तों पर बनी रहती है।  हनुमान जी अपने भक्तों पर  रोग, दोष, भय एवं दुख का साया भी नहीं पड़ने देते हैं।  मंगलवार को हनुमान जी को लाल फूल, सिंदूर एवं लड्डू अर्पित करना चाहिए साथ ही उनके समक्ष घी का दीपक जला दें, फिर सच्चे मन से हनुमान चालीसा का पाठ करें । आपकी सभी मनोकामनाओं को बजरंगबली पूरा करेंगे ।

पहली मान्यता

हनुमान जी को बजरंगबली क्यों कहा जाता है इसके पीछे दो मान्यताएं हैं । एक मान्यता के अनुसार  बजरंगबली बहुत शक्तिशाली है ।  उनका शरीर व्रज के समान है इसलिए उन्हें बजरंगबली कहा जाता है। 

दूसरी मान्यता

वहीं  दूसरी मान्यता के अनुसार, एक बार माता सीता सिंदूर लगा रही थीं । तभी हनुमानजी ने पूछा कि माता आप अपनी मांग में सिंदूर क्यों लगाती हैं? तब सीता माता इसका जवाब देते हुए कहती हैं कि वे अपने पति श्री राम की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए सिंदूर लगाती हैं। जैसा कि हमारे हिंदू धर्म में प्रचलित है कि  जो सुहागिन महिला मांग में सिंदूर लगाती हैं उसके पति की उम्र लंबी होती हैं और स्वास्थ्य भी सही रहता है । माता सीता की बात सुनकर बजरंगबली सोचते हैं कि सिंदूर लगाने से इतना लाभ होता है तो वे पूरे शरीर में सिंदूर लगाएंगे । इससे प्रभु राम अमर हो जाएंगे।  ये बात सोचकर हनुमान जी पूरे शरीर में सिंदूर लगा लेते हैं । जब प्रभु राम हनुमान जी को देखते हैं तो उनकी भक्ति से बहुत प्रसन्न होते हैं ।और राम जी कहते हैं कि आपको बजरंगबली के नाम से जाना जाएगा । बजरंगबली में बजरंग का अर्थ केसरी से है और बली का अर्थ शक्तिशाली है ।इस प्रकार  हनुमान जी ने श्री राम को प्रसन्न रखने के लिए शरीर में सिंदूर लगाया था जिस कारण उनका नाम बजरंगबली पड़ा था ।

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