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02 मार्च: फाल्गुन पूर्णिमा व्रत आज, नृसिंह देवता, माता लक्ष्मी और राधा-कृष्ण की विशेष पूजा का विधान, जानें खास महत्व

आज 02 मार्च 2026 है। आज फाल्गुन पूर्णिमा का व्रत है। फाल्गुन महीने की पूर्णिमा को बहुत खास माना जाता है। फाल्गुन मास की पूर्णिमा को होली पूर्णिमा और वसंत पूर्णिमा आदि के नाम से जाना जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार यह साल की आखिरी पूर्णिमा होती है। इस दिन लोग सुबह स्नान करके व्रत रखते हैं और भगवान विष्णु या सत्यनारायण जी की पूजा करते हैं। इस पावन तिथि पर जगत के पालनहार माने जाने वाले भगवान विष्णु और उनके अवतार नृसिंह देवता, धन की देवी माता लक्ष्मी और राधा-कृष्ण की विशेष पूजा, जप, तप, व्रत का विधान है। फाल्गुन पूर्णिमा जिसे छोटी होली के नाम से भी जानते हैं।

जानें शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार 2026 में पूर्णिमा तिथि 2 मार्च की शाम से शुरू होकर 3 मार्च की शाम तक रहेगी। 3 मार्च को चंद्र ग्रहण है जिस वजह से पूर्णिमा का व्रत 2 मार्च को ही किया जाएगा। पूर्णिमा व्रत में चांद की पूजा का विशेष महत्व है और 3 मार्च को पूर्णिमा चंद्रोदय तक नहीं रहेगी जिस वजह से 2 मार्च यानी आज व्रत करना सही रहेगा। आज 02 मार्च 2026 को फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि सायंकाल 5:55 बजे प्रारंभ होकर अगले दिन 3 मार्च 2026 को सायंकाल 5:07 बजे तक रहेगी। चूंकि कल 03 मार्च 2026 को चंद्र ग्रहण लगेगा और सूतक लगने के कारण कल विधि-विधान से पूजा -अर्चना नहीं की जा सकेगी।

जानें खास महत्व

पूर्णिमा का व्रत करने और स्नान दान आदि करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा बनती है। ऐसा कहा जाता है कि पूर्णिमा का व्रत करने से सुख- समृद्धि प्राप्ति होती है। साथ ही धन- दौलत में वृद्धि के योग बनते हैं। आज के दिन भगवान विष्णु के साथ राधा-कृष्ण, नृसिंह भगवान और माता लक्ष्मी की भी विशेष पूजा करनी चाहिए।

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