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मिनर्वा अकादमी ने रचा इतिहास, स्वीडन में गोथिया कप जीतने वाला पहला भारतीय क्लब बना

खेल जगत से जुड़ी खबर सामने आई है। मिनर्वा एकेडमी एफसी ने ब्राजीलियाई टीम ऑर्डिन एफसी को हराकर स्वीडन में आयोजित गोथिया कप जीतने वाला पहला भारतीय क्लब बनकर इतिहास रच दिया। बालक 13 वर्ग में मिनर्वा ने ऑर्डिन को 3-1 से हराया

हर साल 80 देशों की लगभग 1700 टीमें लेती हैं हिस्सा

मीडिया रिपोर्टर्स के मुताबिक टूर्नामेंट की वेबसाइट के अनुसार, गोथिया कप दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे अंतरराष्ट्रीय युवा फुटबॉल टूर्नामेंट है। हर साल 80 देशों की लगभग 1700 टीमें हिस्सा लेती हैं और वे 110 मैदानों पर 4500 खेल खेलती है। टूर्नामेंट का पहला संस्करण 1975 में आयोजित किया गया था। इसका स्वामित्व शीर्ष स्वीडिश फुटबॉल क्लब बीके हैकेन के पास है

गोथियाकप 2023 के चैंपियन के रूप में ब्राजीलियाई टीम ऑर्डिन एफसी को 3-1 के अंतर से हराकर उभरी मिनर्वा एकेडमी

भारत ने अच्छी शुरुआत करते हुए मैच के शुरुआती पांच मिनट में दो गोल दागे। लेकिन ब्राजीलियाई टीम ने पहले हाफ में गोल करके वापसी की। हाफ टाइम की सीटी बजने से पहले भारतीयों ने एक बार फिर दो गोल की बढ़त ले ली। दूसरे हाफ में भारत ने बेहतरीन बचाव करते हुए ऑर्डिन को गोल से दूर रखा और मैच जीत लिया। क्लब ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर जीत की पुष्टि की है। क्लब ने ट्वीट किया, विश्व चैंपियन! रिकॉर्ड टूटे, इतिहास रचा गया और भारतीय ध्वज ऊंचा रखा गया। विश्व फुटबॉल में एक बड़ी उपलब्धि और एक बयान, जब मिनर्वा अकादमी गोथियाकप 2023 के चैंपियन के रूप में ब्राजीलियाई टीम ऑर्डिन एफसी को 3-1 के अंतर से हराकर उभरी।

गोथिया कप जीतकर भारत का प्रतिनिधित्व करना लग रहा है बहुत अच्छा- योइहेनबा ख्वायरकपम

मीडिया रिपोर्टर्स के मुताबिक प्रतियोगिता की वेबसाइट के हवाले से टीम के गोलकीपर योइहेनबा ख्वायरकपम ने कहा, यह भारतीय फुटबॉल के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है। हमने इसके लिए महीनों तक कड़ी मेहनत की है।उन्होंने आगे कहा, यह बहुत भावुक करने वाला है, खासकर इसलिए क्योंकि हमें स्टैंड्स में मौजूद हमारे प्रशंसकों से इतना मजबूत समर्थन मिला है, जो हमारे और हमारे देश के लिए उत्साह बढ़ा रहे हैं। गोथिया कप जीतकर भारत का प्रतिनिधित्व करना बहुत अच्छा लग रहा है। मेरा मानना ​​है कि इस यात्रा के दौरान जिन लोगों ने भी हमारा समर्थन किया, उन्हें हम पर उतना ही गर्व है जितना हमें उन पर है।

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