जनजातीय मामलों के मंत्रालय और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सीबीएसई ने शनिवार को संयुक्त रूप से एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय और सीबीएसई शिक्षकों के लिए 21वीं सदी में प्रायोगिक शिक्षा पर एक ऑनलाइन प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू किया है।
संयुक्त रूप से की गयी शुरुवात
इसे जनजातीय मामलों के मंत्रालय के सचिव अनिल कुमार झा और सीबीएसई के अध्यक्ष मनोज आहूजा ने संयुक्त रूप से शुरूआत की। प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत शिक्षा में क्षमता निर्माण के लिए शुरुआत की है। जनजातीय मामलों के मंत्रालय द्वारा चयनित शिक्षकों को “शिक्षक नेतृत्व” के रूप में प्राथमिकता दी जाएगी और चरणबद्ध तरीके से एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय के शिक्षण के लिए प्रायोगिक शिक्षण अध्यापन के लिए सहयोग दिया जाएगा। यह पाठ्यक्रम शिक्षकों को 21वीं सदी में कौशल और सीखने की प्रक्रियाओं को सरलता से छात्रों में सीखने की क्षमता को बढ़वा देगी।
यह कार्यक्रम आदिवासी शिक्षा के विकास के लिए एक महान सेवा करेगा
इस अवसर पर संबोधित करते हुए, जनजातीय मामलों के मंत्रालय के सचिव ने कहा कि यह कार्यक्रम आदिवासी शिक्षा के विकास के लिए एक महान सेवा करेगा, जिसका एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय आने वाले समय में मॉडल स्कूलों के रूप में उभरने के तरीके पर तेजी से प्रभाव डालेगा।