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नैनीताल: अदालत का फैसला, जमीन क्रय विक्रय में धोखाधड़ी मामले में सुनाई यह सजा

नैनीताल से जुड़ी खबर सामने आई है। नैनीताल जिले में न्यायिक मजिस्ट्रेट तथा सिविल जज जूनियर डिविजन स्नेहा नारंग की अदालत ने एक मामले में फैसला सुनाया है। जिसमें अदालत ने जमीन क्रय विक्रय में धोखाधड़ी की आरोपी भवाली निवासी महिला व तल्लीताल, नैनीताल निवासी पुरुष को दोषी ठहराया है।

जानें क्या है मामला

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय को बताया गया कि अक्तूबर 2012 को वादी अश्विनी प्रसाद की आरोपी फरसौली, भवाली निवासी गीता देवी और बेटर कंसल तल्लीताल, नैनीताल निवासी जोसेफ जॉन से मुलाकात हुई। जिस पर गीता ने खुद को एक जमीन का पावर ऑफ अटॉर्नी होल्डर बताया और  3.25 लाख रुपये प्रति नाली के हिसाब से जमीन खरीदने का सौदा तय किया। वहीं उन्होंने 12 जनवरी 2012 से 16 मार्च 2015 के बीच कुल 6.33 लाख रुपये की धनराशि गीता देवी और जोसेफ जॉन की पत्नी कांता जोसेफ के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी। अभियोजन के मुताबिक आरोपी ने जमीन के स्वामी अशोक कुमार के उपचार का हवाला देते हुए धनराशि डलवाई और 2014 में उनकी मृत्यु हो चुकी थी।
अक्तूबर 2016 में वादी अश्विनी प्रसाद को अशोक के मृत होने की जानकारी मिली। धोखाधड़ी की आशंका के चलते धनराशि वापस मांगने पर आरोपी टालमटोल करने लगे। इसके बाद में भीमताल थाने में दोनों पक्षों के बीच एक समझौता हुआ जिसके तहत अभियुक्तों ने पैसे वापस करने की सहमति दी और 6.33 लाख रुपये के चार चेक दिए लेकिन ये सभी चेक बाउंस हो गए। इसके बाद वादी ने न्यायालय में 156(3) दंड प्रक्रिया संहिता के तहत एक याचिका दायर की।

अदालत का आदेश

इस मामले में अदालत ने फैसला सुनाया। जिसमें अदालत ने आरोपियों को दो-दो साल के कारावास व दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

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