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नैनीताल : भवाली में आज भी कई गांव संचार सेवा से वंचित:

उत्तराखंड राज्य बनने के बाद क्षेत्र के लोग पांचवीं बार विधानसभा के चुनाव की तैयारी में है। लेकिन बेतालघाट, रामगढ़ के कई गांव आज भी संचार सेवा से वंचित हैं।

ऑनलाइन पढ़ाई से हो रही समस्याएं:

लॉक डाउन के बाद ऑनलाइन पढ़ाई बच्चों के लिए समस्या बन गई है। संचार सेवा नहीं होने से वह कोर्स में पिछड़ रहे हैं।

संचार सुविधा न होने के कारण बच्चों का भविष्य अंधकार में है:

ग्रामीणों का कहना है कि दो साल से पूरा देश कोरोना की मार झेल रहा है। सरकारी से लेकर अर्द्ध सरकारी विद्यालय बंद हो गए हैं। सरकार ऑनलाइन पढ़ाई पर जोर दे रही है। लेकिन पहाड़ के बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। टेबलेट खरीदने के लिए उनके खातों में धनराशि भी आ रही है, लेकिन संचार सुविधा नहीं होने के कारण वे टैबलेट भी नहीं खरीद पा रहे हैं।

गांवों में बच्चे आज भी ऑनलाइन पढ़ाई को ऊंची पहाड़ियों में जाकर पढ़ाई करने को मजबूर:

ग्रामीण जनप्रतिनिधियों ने कई बार विधायक, सांसद के समक्ष संचार सेवा का पक्ष रखा, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिला।
ग्रामीण बच्चे दोपहर में आज भी समूह बनाकर ऊँची पहाड़ी की ओर पढ़ाई करने जाते हैं। कक्षा 8 के युवराज बिष्ट, कक्षा 9 की भूमिका बिष्ट, सोनू, निशु का कहना है कि नेटवर्क नही आने से उन्हें पहाड़ चढ़ना पड़ता है। जिससे उन्हें परेशानी होती है।

गांव में संचार सुविधा नहीं:

करन चिलवाल, (कनिष्ठ प्रमुख बेतालघाट)का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन हो रही है, लेकिन हमारे बच्चे ऑफलाइन हैं। जनप्रतिनिधि से मिलने पर सिर्फ आश्वासन ही मिलते हैं।

आमजनता को भी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है:

ज्योति बिष्ट, (ग्राम प्रधान भवाली गांव) का कहना है कि टैबलेट खरीदने के लिए बच्चों के खातों में धनराशि आने लगी है, लेकिन गांव में उसे चलाने की कोई व्यवस्था ही नहीं है। ऐसे में यह टैबलेट धूल फांकेंगे।

दिनेश बिष्ट (पूर्व ग्राम प्रधान भवाली गांव) का कहना है कि गांव में सड़क तो है, लेकिन आपात काल में वह 108 एंबुलेंस को नहीं बुला सकते हैं। उनके गांव में फोन पकड़ता ही नहीं है।

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