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नंदा देवी लोकजात यात्रा: 12वें पड़ाव मुंदोली पहुंचीं बधाण की नंदादेवी, कल वांण में होगा तीन परगनों की देवियों का भव्य मिलन

गोपेश्वर/थराली: ऐतिहासिक श्री नंदादेवी राजराजेश्वरी लोकजात यात्रा अपने आध्यात्मिक पड़ाव की ओर तेजी से आगे बढ़ रही है।

यात्रा का भव्य स्वागत

जानकारी के अनुसार इसी क्रम में आज मंगलवार को बधाण परगना की श्री नंदादेवी की उत्सव डोली यात्रा के 12वें पड़ाव मुंदोली गाँव पहुँची जहाँ श्रद्धालुओं ने माँ नंदा का भव्य स्वागत किया। वहीं, दशोली और बण्ड परगना की डोलियाँ अपने 10वें पड़ाव कनोल गाँव में आयोजित विशेष ‘देवी पूजन’ के लिए रुकी रहीं। वहीं कल बुधवार का दिन यात्रा का सबसे मुख्य आकर्षण होगा, जब प्रसिद्ध लाटू धाम (वांण गाँव) में बधाण, दशोली और बण्ड—तीनों परगनों की देवियों और छंतोलियों (धार्मिक छत्रों) का एक साथ भावपूर्ण मिलन होगा।


​फल्दियागांव में अठवाड़ मेला और सोलपाती में देव-पूजन

​आज मंगलवार को यात्रा अपने 11वें पड़ाव फल्दियागांव से आगे के लिए रवाना हुई। इससे पूर्व, फल्दियागांव में पारंपरिक ‘अठवाड़ मेले’ का आयोजन किया गया था, जहाँ रात भर पूजा-अर्चना चलती रही और देव-पश्वाओं ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। दोपहर करीब 12:30 बजे यात्रा काण्ड़े गाँव पहुँची, जहाँ श्रद्धालुओं ने ‘सोलपाती मेले’ में भाग लिया। इसके बाद यात्रा लब्बू गाँव होते हुए पिलखड़ा नंदा देवी मंदिर पहुँची, जहाँ दो दिवसीय राजकीय राजराजेश्वरी संस्कृति संरक्षण मेले का आयोजन किया गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने ढोल-दमाऊ की थाप पर यात्रा की अगवानी की। पिलखड़ा से ल्वाणी, बगड़ीगाड़ और हरनी होते हुए देवी की डोली शाम को अपने 12वें पड़ाव मुंदोली पहुँच गई।


​कनोल में 12 साल बाद आयोजित हुआ महापूजन

​दूसरी ओर, दशोली और बण्ड परगना की डोलियाँ कनोल गाँव में रुकी रहीं। यहाँ 12 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद नंदा-भगवती की विशेष पूजा का ऐतिहासिक आयोजन किया गया।
​सोमवार देर शाम ल्वाणी से आई माँ ज्वालपा देवी की डोली का कनोल पहुँचने पर अन्य देव डोलियों से मिलन हुआ। इस महापूजन में उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि देश के कई राज्यों से आए हजारों भक्तों ने हिस्सा लिया। पूजा के दौरान कई श्रद्धालु देव-आवेश में आए। आयोजन समिति के अध्यक्ष पूर्व कर्नल हरेंद्र सिंह रावत और कुरूड़ मंदिर समिति के अध्यक्ष सुखबीर सिंह रौतेला ने बताया कि कनोल में उमड़ा जनसैलाब नंदा देवी के प्रति अगाध श्रद्धा को दर्शाता है।


​कल वांण धाम में होगा ऐतिहासिक क्षण

​बुधवार को लाटू देवता की नगरी वांण गाँव में बधाण, दशोली, बण्ड परगना की देवियों और माँ ज्वालपा की डोलियों का अलौकिक मिलन होगा। इस क्षण का साक्षी बनने के लिए हजारों नंदा भक्त वांण धाम पहुँच रहे हैं।

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