October 19, 2021

अल्मोड़ा में बढ़ती आग की घटनाओं को कम करने के लिए एनडीआरएफ की टीम को किया गया तैनात, दिया जा रहा है प्रशिक्षण।

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उत्तराखंड में इन दिनों आग की घटनाओं ने तहलका मचा रखा है। जिससे बड़ी संख्या में जंगल बर्बाद हो रहे हैं। हर रोज बड़ी संख्या में जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही है। जिससे जंगलों को नुकसान पहुंच रहा है। अल्मोड़ा में भी लगातार आग की घटनाएं बढ़ रही है। जिसके चलते अल्मोड़ा में एनडीआरएफ की टीम तैनात की गई है।

अल्मोड़ा में वनों की आग की घटनाओं से निपटने के लिए एनडीआरएफ की टीम तैनात-

अल्मोड़ा में भी बड़ी संख्या में जंगल बर्बाद हो रहे हैं। हर जगह से आग लगने की घटनाएं सामने आ रही है। जिसके चलते जंगलों में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए 30 सदस्यीय एनडीआरएफ की टीम तैनात हो गई है।

रविवार को वन विभाग की ओर से दिया गया आग बुझाने का प्रशिक्षण-

इन दिनों जिलेभर में अलग- अलग जंगलों से आग लगने की घटनाएं सामने आ रही है। जिसके बाद अब आग की घटनाओं को रोकने के लिए एनडीआरएफ की टीम तैनात हो गई है। जिसमें वन विभाग के डीएफओ महातिम यादव के सामने एनडीआरएफ की टीम ने पूर्व में जंगलों की आग से निपटने का अनुभव नहीं होने की बात रखी थी। जिसके तहत उन्हें यहां प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी कड़ी में रविवार को भैंसवाड़ा फार्म में वन प्रभाग की ओर से एनडीआरएफ की टीम को पर्वतीय क्षेत्रों में वनाग्नि के सं‌बंधित प्रशिक्षण दिया गया। टीम को आग बुझाने में उपयोगी औजार समेत तमाम जानकारियां दी गई। वनाग्नि के समय सावधानी बरतने की भी बात कही गई।

वाराणसी से अल्मोड़ा पहुंची एनडीआरएफ की टीम-

वाराणसी से एनडीआरएफ 11 बटालियन इंस्पेक्टर रसिक बिहारी अपनी 30 सदस्यीय टीम के साथ अल्मोड़ा पहुंच गए हैं।

वनाग्नि के समय बरतनी होती है सावधानी-

वनाग्नि के समय सावधानी बरतने की विशेष आवश्यकता होती है। वनाग्नि से निपटने में जान को भी खतरा हो सकता है इसलिए सावधानी के साथ आग बुझाने की जरूरत होती है। भैंसवाड़ा फार्म में चीड़ के जंगल के बीच छोटे से क्षेत्र में फायर ड्रिल भी किया गया।

एनडीआरएफ की टीम को सुरक्षा संबंधित सूचना तंत्र के बारे में दी गई जानकारी-

टीम को सुरक्षा संबंधित सूचना तंत्र के बारे में जानकारी दी गई  है। इस मौके पर वन क्षेत्राधिकारी संचिता वर्मा, हरेंद्र सतवाल आदि मौजूद रहे।