उत्तराखंड: उत्तराखंड में ग्रामीण रोजगार की दिशा में एक बड़ा बदलाव हुआ है। ग्रामीण विकास मंत्रालय के निर्देशों के अनुपालन में, राज्य में अब महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के स्थान पर बुधवार से ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना’ को लागू कर दिया गया है।
यह योजना लागू
इस नई योजना के तहत श्रमिकों को अब एक वित्तीय वर्ष में 125 दिन का रोजगार और 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी मिलेगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस संबंध में ग्राम्य विकास विभाग के सचिव धीराज गर्ब्याल ने बताया कि यह नई योजना अधिक व्यापक है, जिसमें कुल 318 प्रकार के कार्य शामिल किए गए हैं। इन कार्यों को मुख्य रूप से चार श्रेणियों में बांटा गया है।
• जल संरक्षण: 107 कार्य
• ग्रामीण अवसंरचना: 88 कार्य
• ग्रामीण आजीविका: 86 कार्य
• आपदा न्यूनीकरण: 37 कार्य
ई-केवाईसी और जॉब कार्ड पर निर्देश
सचिव ने जानकारी दी कि राज्य में 91.57 प्रतिशत सक्रिय श्रमिकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। शेष श्रमिकों से अपील की गई है कि वे एक सप्ताह के भीतर अपनी ग्राम पंचायत या विकासखंड कार्यालय में जाकर ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करा लें। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी होने तक मनरेगा के तहत बने मौजूदा जॉब कार्ड ही वैध माने जाएंगे। साथ ही, मनरेगा के तहत चल रहे कार्यों को भी नई योजना के अंतर्गत समाहित कर लिया जाएगा।