October 22, 2021

कोरोना संक्रमण से संबंधित नई गाइडलाइन हुई जारी, स्वास्थ्य मंत्रालय ने किए बदलाव।

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देश भर में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से अभी भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। सभी राज्यों से हर रोज नये मामले सामने आ रहे हैं। हर रोज अस्पतालों में मरीज भर्ती हो रहे हैं। इसी बीच स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना संक्रमण के फैलाव और उसके इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं से संबंधित एक नई गाइडलाइन जारी की है।

खांसने, छींकने और बात करने से फैल रहा कोरोना संक्रमण-

स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस गाइडलाइन में यह भी कहा है कि कोरोना का संक्रमण मुख्य रूप से हवा के जरिये और संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बातचीत करने पर निकलने वाली छोटी बूंदों के माध्यम से फैल रहा है, जबकि पिछले साल जून में ही स्वास्थ्य मंत्रालय ने जो गाइडलाइन जारी की थी, उसमें कहा गया था कि कोरोना का संक्रमण मुख्य रूप से तब फैलता है जब कोई संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आ जाता है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने नई गाइडलाइन में किए बदलाव-

स्वास्थ्य मंत्रालय ने जो नई गाइडलाइन जारी की है उसमें दवाओं से संबंधित बदलाव किए गए हैं।

नयी गाइडलाइन में यह हुए हैं बदलाव-

स्वास्थ्य मंत्रालय ने आइवरमेक्टिन और स्टेरॉयड का इस्तेमाल और प्लाज्मा थेरेपी को लेकर नयी गाइडलाइन जारी की है। जिसमें यह कहा गया है कि कोरोना के कम या हल्के लक्षण वाले मामलों में आइवरमेक्टिन दवा खाली पेट दिन में एक बार तीन से पांच के लिए दी जा सकती है। वही गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को यह दवा नहीं देनी है। इसी के साथ कोरोना संक्रमण के हल्के लक्षण वाले मामलों में मरीज को स्टेरॉयड देने की कोई जरूरत नहीं होती, लेकिन अगर मरीज को संक्रमण के सात बाद भी बुखार और अधिक खांसी जैसे लक्षण हैं, तो डॉक्टर की सलाह पर उसे ओरल स्टेरॉयड दिया जा सकता है। वही अब अब कोरोना मरीजों के इलाज में प्लाज्मा थेरेपी को भी हटा दिया गया है।