February 2, 2023

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02 अक्टूबर: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व पीएम लाल बहादुर शास्त्री की आज है‌ जयंती, जानें

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आज 02 अक्टूबर है। राष्ट्रपति महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री दोनों का जन्मदिन है। आज (2 अक्टूबर) राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 153वीं जयंती है। साथ ही देश भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 118वीं जयंती भी मना रहा है। दोनों महान हस्तियों ने अपने कार्यों और विचारों से देश और दुनियाभर के जनमानस पर अपनी एक अमिट छाप छोड़ी है।

आंदोलनों में रही खास भूमिका-

अंग्रेजों को भारत से खदेड़ने में महात्मा गांधी की ओर से चलाए गए सत्याग्रह जन आंदोलनों की बड़ी भूमिका बताई जाती है। वहीं, भारत के स्वतंत्रता संग्राम में लाल बहादुर शास्त्री का भी महत्वपूर्ण योगदान है। महात्मा गांधी हमेशा लोगों को सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने की सीख देते थे और लाल बहादुर शास्त्री की छवि भी सबसे ईमानदार नेता की है।

इतिहास में खास है आज का दिन-

लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को मुगलसराय में हुआ था। लाल बहादुर शास्त्री जयंती किसानों द्वारा बहुत उत्साह के साथ मनाई जाती है, क्योंकि उनके जीवन और कृषि में विकास से संबंधित सभी मामलों में लाल बहादुर शास्त्री की गहरी भागीदारी थी। 2 अक्टूबर को हर वर्ष गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है। महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। अंग्रेजों से आजादी दिलाने में महात्मा गांधी का विशेष योगदान रहा है। इस साल महात्मा गांधी की 152वीं जयंती मनाई जाएगी। महात्मा गांधी को बापू के नाम से भी जाना जाता है। 2 अक्टूबर को हर साल अंतराष्ट्रीय अहिंसा दिवस भी मनाया जाता है। सत्य और अहिंसा को लेकर बापू के विचार हमेशा से न सिर्फ भारत, बल्कि पूरी दुनिया का मार्गदर्शन करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। महात्मा गांधी की तरह ही लाल बहादुर शास्त्री का भी देश की आजादी लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

जानें-

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्म दो अक्टूबर 1869 को हुआ था। उनके कार्यों तथा विचारों ने देश की स्वतंत्रता और इसके बाद आजाद भारत को आकार देने में बड़ी भूमिका निभाई। पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्म दो अक्टूबर 1904 को हुआ था। उनकी सादगी और विनम्रता के लोग कायल थे। उन्होंने वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान ‘जय जवान जय किसान’ का नारा दिया था।