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दुनिया भर में ऑनलाइन हिंसा का सामना करती है अधिकांश महिला पत्रकार- रिपोर्ट

देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक वो समय था जब महिलाओं को आजादी से जीने का हक नहीं था। एक ये समय है जब महिलाओं को भी पुरुषों के समान अधिकार दिए जाने लगे हैं। लेकिन अभी भी हमारे समाज में महिलाओं की स्थिति पूरी तरह बदली‌ नहीं है।

ज्यादा बुरे व्यवहार का सामना करती है महिला पत्रकार

वहीं अगर कोई समाज, राजनीति और मानवाधिकार के मुद्दे पर अपनी आवाज़ उठाते हैं तो उनको विरोध का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन अगर एक महिला और पेशे से पत्रकार हैं और इन विषयों पर लिखती और बोलती हैं तो उन्हें अपने पुरुष समकक्षों के मुकाबले ज्यादा बुरे व्यवहार का सामना करना पड़ सकता है।

रिपोर्ट-

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल ही में यूनेस्को और इंटरनैशनल सेंटर फॉर जर्नलिस्ट (आईसीएफजे) की ओर से एक रिपोर्ट जारी की गई है जिसमें महिला पत्रकारों को अपने काम की वजह से किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है उसका ज़िक्र किया गया है। ‘द चिलिंगः ए ग्लोबल स्टडी ऑफ ऑनलाइन वायलेंस अगेन्सट वीमन जर्नलिस्ट’ के नाम से इस रिपोर्ट को जारी किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार 73 फीसदी महिला पत्रकारों को अपने काम की वजह से ऑनलाइन हिंसा का सामना करना पड़ा। इस सर्वे में शामिल महिला पत्रकारों में से 25 फीसदी ने शारीरिक और 18 फीसदी यौन हिंसा की धमकियों का सामना किया। पांच में से हर एक महिला ( लगभग 20 प्रतिशत) ने कहा कि ऑनलाइन होनेवाली घटनाओं का उन पर ऑफलाइन प्रभाव भी पड़ा। जो महिलाएं जेंडर (47 फीसदी), राजनीति और चुनाव (44 फीसदी) और मानवाधिकार और सामाजिक मुद्दों (31 फीसदी) पर काम करती हैं उन्हें ज्यादा विरोध का सामना करना पड़ता है।

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