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लीजेंड्री अभिनेत्री उत्तरा बावकर ने दुनिया को कहा अलविदा, बेहतरीन अदाकारी से हमेशा जीता दिल

देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। फिल्म जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। टेलीविज़न और सिनेमा जगत की जानी-मानी मशहूर अभिनेत्री उत्तरा बावकर का निधन हो गया है।

फिल्म जगत में शोक की लहर

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वह बीते एक साल से बीमारी से जूझ रही थीं। अपनी बीमारी से लड़ाई के बाद उन्होंने पुणे के एक हॉस्पिटल में मंगलवार, 11 अप्रैल को अंतिम सांस ली। वहीं बुधवार को उनका अन्तिम संस्कार किया गया। उत्तरा 79 साल की थीं।

परफॉर्मेंस से हमेशा जीता दिल कमाए कई अवॉर्ड

उत्तरा बाओकर को 1984 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। 1978 में उन्हें मृणाल सेन की फिल्म ‘एक दिन अचानक’ के लिए राष्ट्री पुरस्कार मिला। बाओकर के साथ एक अच्छी बात थी कि वह केवल हिंदी तक सीमित नहीं थीं। उन्होंने मराठी भाषा में भी शानदार काम किया। 1988 में वह गोविंद निहलानी की फिल्म तमस में नजर आई।‌ यह फिल्म उनके करियर की शानदार फिल्मों में से एक है। भीष्म साहनी के उपन्यास पर आधारित यह फिल्म एक पीरियड फिल्म थी। पहले इसे दूरदर्शन पर एक सीरीज की तरह रिलीज किया गया था। उत्तरा ने अपने करियर में उड़ान, अंतराल, रिश्ते, कोरा कागज, नजराना, जस्सी जैसी कोई नहीं, कश्मकश जिंदगी की जब लव हुआ जैसे तमाम टीवी सीरियल्स में भी काम किया।

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