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आंध्रप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू गिरफ्तार, बेटे नारा लोकेश को भी सीआईडी ने लिया हिरासत में

देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। आंध्रप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को आज तड़के गिरफ्तार किया गया है। चंद्रबाबू नायडू पर 350 करोड़ रुपये कौशल विकास घोटाले का आरोप लगा है।

पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू गिरफ्तार

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू को राज्य के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) ने गिरफ्तार किया है। स्किल डेवलपमेंट स्कैम में आज शनिवार सुबह 6 बजे नंदयाल शहर से गिरफ्तार किया गया है। बताया गया है कि भ्रष्टाचार के मामले में टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू की गिरफ्तारी की गिरफ्तारी हुई। बताया गया कि आपराधिक जांच विभाग (CID) ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। मामला 250 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले से जुड़ा हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए नंदयाल अस्पताल ले जाया जाना था, लेकिन उनके मना करने के बाद कैंप साइट पर ही उनका मेडिकल चेकअप किया गया। यहां से उन्हें विजयवाड़ा ले जाया गया है। जहां उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।

चंद्रबाबू नायडू ने कहीं यह बात

रिपोर्ट्स के मुताबिक जिसके बाद अपनी गिरफ्तारी को लेकर चंद्रबाबू नायडू ने बयान जारी करते हुए कहा, ‘मैं लोगों और कार्यकर्ताओं दोनों से अनुरोध कर रहा हूं कि मैंने आज कुछ भी गलत नहीं किया है। लेकिन कल रात अधिकारी यहां आए और उन्होंने इस क्षेत्र के लोगों को बहुत असहज और भयभीत कर दिया। किसी मामले का हवाला देकर और बिना कोई सबूत दिखाए, आज वे मुझे गिरफ्तार करने के लिए राज्य में आए हैं। मैंने उनसे पूछा कि वे मुझे किस आधार पर गिरफ्तार कर रहे हैं, कोई आधार दिखाओ। अब वे यहां एफआईआर लेकर आए हैं. एक एफआईआर जिसमें मेरी भूमिका या किसी अन्य विवरण का कोई उल्लेख नहीं है। यह देखकर बहुत दुख हुआ, यह गलत है।’

बेटे को भी किया गिरफ्तार

आंध्र प्रदेश पुलिस ने चंद्रबाबू के बेटे पारा लोकेश को ईस्ट गोदावरी जिले से हिरासत में लिया है। लोकेश यहां पदयात्रा कर रहे थे। उन्हें विजयवाड़ा नहीं जाने दिया गया।

जानें क्या है पूरा मामला

रिपोर्ट्स के मुताबिक चंद्रबाबू नायडू को आंध्र प्रदेश स्टेट स्किल डेवलपमेंट स्कैम (एपीएसएसडीएस) मामले में मुख्य आरोपी बनाया गया है। इस घोटाले में सैकड़ों करोड़ रुपये के गबन का आरोप है। 2016 में टीडीपी सरकार के कार्यकाल के दौरान बेरोजगार युवाओं को उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए कौशल प्रशिक्षण प्रदान करके सशक्त बनाने के उद्देश्य से एपीएसएसडीसी की स्थापना की गई थी।‌ आंध्र प्रदेश सीईडी की तरफ से दर्ज एफआईआर के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत कथित घोटाले की जांच कर रहा है। आरोप है कि मेसर्स डीटीएसपीएल, इसके निदेश और अन्य ने शेल कंपनी की मदद से बहुस्तरीय लेनदेन कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया। फर्जीवाड़े के जरिए 370 करोड़ रुपये की धनराशि निकाल ली गई।

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