देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने और शुल्क को लेकर जारी भ्रम को खत्म करने के लिए भारत सरकार ने बीते सोमवार को एक बड़ा फैसला लिया है।
अधिसूचना जारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस संबंध में वित्त मंत्रालय द्वारा एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की गई है। जारी अधिसूचना के अनुसार, 2,000 रुपये तक के यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) लेनदेन और रुपे (RuPay) डेबिट कार्ड से किए जाने वाले भुगतानों पर बैंकों द्वारा कोई शुल्क नहीं वसूला जाएगा। सरकार ने भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 की धारा 10A के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह अधिसूचना जारी की है। इसके तहत रुपे डेबिट कार्ड और ₹2,000 तक के UPI भुगतान को आधिकारिक ‘इलेक्ट्रॉनिक भुगतान मोड’ के रूप में मान्यता दे दी गई है।
इन्हें बड़ी राहत
सरकारी आदेश में यह साफ किया गया है कि इन तय माध्यमों से लेनदेन करने या स्वीकार करने वाले किसी भी व्यक्ति से कोई भी बैंक या सिस्टम प्रदाता प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई चार्ज नहीं वसूल सकता। सरकार के इस कदम से आम जनता और छोटे कारोबारियों को सीधी राहत मिलेगी।