आज 01 अक्टूबर 2026 है। आज षष्ठी श्राद्ध है। षष्ठी तिथि 1 अक्टूबर 2026 को दोपहर में रहेगी और अगले दिन यानी 2 अक्टूबर की सुबह तक व्याप्त रहेगी। मध्याह्न (दोपहर) काल में तिथि की प्रधानता होने के कारण 1 अक्टूबर को ही श्राद्ध करना श्रेष्ठ माना गया है।
षष्ठी श्राद्ध
यह पितृ पक्ष का छठा दिन होता है। इस दिन षष्ठी तिथि को दिवंगत हुए पितरों का स्मरण कर उनका श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किया जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से श्राद्ध करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और पारिवारिक जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।
पूजन विधि
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र पहनें। घर के मंदिर और पूजा स्थल को साफ करें। दक्षिण दिशा की ओर मुख करके बैठें। अपने जनेऊ या गमछे को दाएं कंधे पर रखें (अपसव्य स्थिति)। हाथ में कुश, जल, जौ, अक्षत और काले तिल मिला हुआ पात्र रखें। हाथ में जल लेकर अपने पितरों का ध्यान करें और दक्षिण दिशा की ओर श्रद्धापूर्वक जल अर्पित करें। ब्राह्मण या जरूरतमंदों को भोजन कराएं और अपनी क्षमतानुसार दान दें। भोजन का कुछ अंश गाय, कुत्ते और कौवे के लिए भी निकालें